Vishnu Solanki एक भारतीय क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2014-15 में रणजी ट्रॉफी में 6 फरवरी 2015 को बड़ौदा के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया। नवंबर 2017 में, उन्होंने 2017-18 में रणजी ट्रॉफी में त्रिपुरा के खिलाफ बड़ौदा के लिए बल्लेबाजी करते हुए, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला शतक बनाया।
इनका पूरा नाम विष्णु पुरुषोत्तम सोलंकी है इनका जन्म 15 अक्टूबर, 1992 को वडोदरा गुजरात मे हुआ। अभी इनकी आयु करीब 33 वर्ष की है। इनकी बल्लेबाजी शैली दाहिने हाथ के बल्लेबाज की है और इनकी गेंदबाजी शैली दाहिने हाथ के ऑफब्रेक गेंदबाज की है। टीम मे इनके खेलने की भूमिका मध्यक्रम के बल्लेबाज के तौर पर है।
Vishnu Solanki की टीमें
बड़ौदा
इंडिया रेड,
इंडिया ग्रीन
Vishnu Solanki के बल्लेबाजी करियर के आँकड़े
| प्रारूप | मैच | पारी | नॉट | रन | बेस्ट | औसत | गेंद | स्ट्राइक | शतक | फिफ्टी | चौके | छक्के |
| FC | 48 | 80 | 5 | 3030 | 179 | 40.40 | 5777 | 52.44 | 10 | 13 | 393 | 19 |
| सूचीA | 57 | 55 | 8 | 1601 | 109 | 34.06 | 1950 | 82.10 | 2 | 10 | 153 | 30 |
| T20s | 71 | 63 | 18 | 1396 | 71* | 31.02 | 1091 | 127.95 | 0 | 7 | 109 | 55 |
Vishnu Solanki के गेंदबाजी करियर के आँकड़े
| प्रारूप | मैच | पारी | गेंदे | रन | विकेट | बेस्ट | औसत | इकोनोमी | स्ट्राइक | 4 विकेट | 5 विकेट |
| एफसी | 48 | 32 | 999 | 615 | 14 | 3/51 | 43.92 | 3.69 | 71.3 | 0 | 0 |
| सूची ए | 57 | 4 | 39 | 38 | 1 | 1/6 | 38.00 | 5.84 | 39.0 | 0 | 0 |
| टी20 | 71 | 1 | 6 | 9 | 0 | 0 | 9.00 | 0.00 | 0.00 | 0 | 0 |
Vishnu Solanki के डेब्यू/अंतिम मैच
एफसी मैच
डेब्यू
बड़ौदा बनाम तमिलनाडु, वडोदरा – 06 फरवरी – 09, 2015
अंतिम
जे+के बनाम बड़ौदा, वडोदरा – 30 जनवरी – 02 फरवरी, 2025
सूची ए मैच
पदार्पण
सौराष्ट्र बनाम बड़ौदा, पुणे – 18 फरवरी, 2013
अंतिम
कर्नाटक बनाम बड़ौदा, वडोदरा – 11 जनवरी, 2025
टी20 मैच
पदार्पण
बंगाल बनाम बड़ौदा, इंदौर – 26 मार्च, 2013
अंतिम
बड़ौदा बनाम मुंबई, बेंगलुरु – 13 दिसंबर, 2024
Vishnu Solanki के हाल के मैच
बड़ौदा बनाम जे + के 0 और 42 — — 30-जनवरी-2025 वडोदरा एफसी
बड़ौदा बनाम महाराष्ट्र 0 और 24 0/9 और 1/45 — 23-जनवरी-2025 नासिक एफसी
बड़ौदा बनाम कर्नाटक 1 — 1c/1s 11-जनवरी-2025 वडोदरा सूची ए
बड़ौदा बनाम दिल्ली 37 — 0c/1s 05-जनवरी-2025 हैदराबाद सूची ए
बड़ौदा बनाम एम. प्रदेश 33 — 1c/0s 03-जनवरी-2025 हैदराबाद सूची ए
बड़ौदा बनाम बिहार 109 — 0c/0s 31-दिसंबर-2024 हैदराबाद सूची ए
बड़ौदा बनाम बंगाल 20 — 2c/0s 28-दिसंबर-2024 हैदराबाद सूची ए
बड़ौदा बनाम केरल 46 — 0c/0s 23-दिसंबर-2024 हैदराबाद सूची ए
बड़ौदा बनाम त्रिपुरा 54 — 0c/0s 21-दिसंबर-2024 हैदराबाद सूची ए
बड़ौदा बनाम मुंबई 6 — 1c/0s 13-दिसंबर-2024 बेंगलुरु T20
Vishnu Solanki पर टूटा दुखों का पहाड़

बड़ौदा के क्रिकेटर Vishnu Solanki पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुछ दिनों पहले उनकी नवजात बेटी (Vishnu Solanki Daughter Died) की मौत हुई थी और आज सुबह उनके पिता का निधन (Vishnu Solanki Father Death) हो गया है।
वह फिलहाल भुवनेश्वर में चंडीगढ़ के खिलाफ रणजी ट्रॉफी खेल रहे थे। यह मैच ड्रॉ रहा। इस बारे में जब उन्हें पता चला तो उन्होंने अपने घरवालों से कहा है कि मैच के बाद वह पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
उनके हौसले की दाद देनी होगी। नवजात बेटी के निधन का अंतिम संस्कार करके लौटने के बाद शुक्रवार को उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2022 के मैच में चंडीगढ़ (Vadodara vs Chandigarh) के खिलाफ सेंचुरी लगाई थी। कुछ दिन पहले ही उनकी नवजात बच्ची का निधन हो गया था।
उन्होंने इस निजी दुख को पीछे छोड़ते हुए मैच के दूसरे दिन कमाल का शतक लगाया। भुवनेश्वर में एलीट ग्रुप बी (राउंड 2) के इस मुकाबले में उन्होंने यह कमाल की पारी खेली।
चंडीगढ़ ने अपनी पहली पारी में 168 रन बनाए। इसके जवाब में बड़ौदा ने अपनी पहली पारी में 517 रनों का पहाड़ सरीखा स्कोर बनाया। नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने उतरे सोलंकी ने 165 गेंद में 12 चौके की मदद से 105 रन की पारी खेली।
चंडीगढ़ ने दूसरी पारी में 7 विकेट पर 473 रन बनाते हुए मैच ड्रॉ करा लिया। इस बारे में सौराष्ट्र के विकेटकीपर शेल्डन जैकसन ने टि्वटर पर सोलंकी की तारीफ की थी। जैकसन ने बताया कि कैसे निजी त्रासदी से पार पाते हुए कैसे उन्होंने शानदार शतक लगाया।
35 वर्षीय जैकसन ने लिखा था, ‘क्या कमाल का खिलाड़ी है। मैं जितने खिलाड़ियों को जानता हूं उनमें ये सबसे ज्यादा मजबूत हैं। विष्णु और उनके परिवार को बड़ा सलाम। यह किसी भी सूरत में आसान नहीं था। आशा करता हूं कि तुम कई शतक बनाओ और कामयाबी हासिल करो।’
29 वर्षीय Vishnu Solanki को 11 फरवरी की रात को अपनी बेटी के जन्म की खबर मिली। हालांकि 24 घंटे के अंदर ही उस बच्ची का निधन हो गया। दुखी क्रिकेटर बड़ौदा टीम के साथ भुवनेश्वर में था। वह बड़ौदा गए और अपनी बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। हालांकि तीन दिन बाद वह फ्लाइट लेकर भुवनेश्वर टीम के पास लौट आए।
बड़ौदा को पहले मैच में बंगाल से चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा था, सोलंकी इस मैच में नहीं खेले थे। क्वारंटीन पूरा करने के बाद वह टीम के साथ जुड़ गए। 23 फरवरी को उन्होंने नेट्स किया।
24 फरवरी से टीम का चंडीगढ़ से मुकाबला था। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 2015 में तमिलनाडु के खिलाफ डेब्यू किया था। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1500 से ज्यादा रन बनाए हैं वहीं लिस्ट ए मुकाबले में उन्होंने 1000 से अधिक रन बनाए हैं।
Vishnu Solanki का स्लॉ क्रिकेट क्लब ने 2025 सीज़न के लिए विदेशी पेशेवर के रूप में स्वागत किया गया

स्लॉ क्रिकेट क्लब ने 2025 सीज़न के लिए विदेशी पेशेवर के रूप में विष्णु सोलंकी का स्वागत किया
हमें 2025 सीज़न के लिए भारतीय क्रिकेटर Vishnu Solanki को हमारे विदेशी पेशेवर के रूप में साइन करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।
विष्णु स्लॉ क्रिकेट क्लब में न केवल एक खिलाड़ी के रूप में बल्कि एक संरक्षक और युवा कोच के रूप में भी शामिल हुए हैं, जो खेल के लिए अनुभव, नेतृत्व और जुनून लेकर आए हैं।
विष्णु सोलंकी एक विकेटकीपर और शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं, और वे दाएं हाथ के कलाई के स्पिन गेंदबाज भी हैं, जो मैदान पर बहुमूल्य बहुमुखी प्रतिभा प्रदान करते हैं। वे 2013 से भारतीय घरेलू क्रिकेट में बड़ौदा के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में, विष्णु सोलंकी ने 40.40 की शानदार औसत से 3,030 रन बनाए हैं। लिस्ट ए मैचों में, उन्होंने 2 शतक और 10 अर्द्धशतक सहित 1,601 रन बनाए हैं। टी20 प्रारूप में, उन्होंने 127.95 की ठोस स्ट्राइक रेट के साथ 1,396 रन बनाए हैं।
उच्च दबाव की स्थितियों में उनका धैर्य और खेल के सभी विभागों में योगदान देने की क्षमता उन्हें हमारी टीम में एक शानदार खिलाड़ी बनाती है।
हमारी सीनियर टीम को मजबूत करने के साथ-साथ, विष्णु हमारे युवा वर्ग को कोचिंग देने में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उनका अनुभव मैदान पर और मैदान के बाहर, स्लॉघ क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को मार्गदर्शन और प्रेरणा देने में मदद करेगा।
हमें स्लॉघ सीसी परिवार में Vishnu Solanki का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है, जो 2025 का एक रोमांचक सीजन होने का वादा करता है!
Vishnu Solanki ने बेटी और पिता को गंवाने के बावजूद दिखाया जज्बा

Vishnu Solanki उन सैकड़ों घरेलू क्रिकेटरों में शामिल हैं जो प्रत्येक वर्ष काफी उत्साह के साथ रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए उतरते हैं लेकिन उनके राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की उम्मीद काफी कम है।
पिछले दो हफ्तों में हालांकि बड़ौदा के इस 29 वर्षीय क्रिकेटर ने दिखाया कि त्रासदी का सामना करने के मामले में वह करोड़ों में एक हैं।
काफी लोगों में अपनी नवजात बच्ची को गंवाने के बाद क्रिकेट के मैदान पर उतरने की हिम्मत नहीं होती। विष्णु ने ऐसा किया और फिर शतक भी जड़ा लेकिन इसके बाद उन्हें अपने पिता के निधन की खबर मिली और उन्होंने वीडियो कॉल पर अंतिम संस्कार देखा।
यह विष्णु भगवान नहीं है, सिर्फ एक इंसान है जो जज्बे के साथ त्रासदी का सामना कर रहा है।
Vishnu Solanki के घर 10 फरवरी को बेटी ने जन्म लिया। वह अपने जीवन का नया अध्याय लिखने की तैयारी कर रहे थे लेकिन एक दिन बाद नवजात की अस्पताल में मौत हो गई। उस समय जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में मौजूद विष्णु अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए अपने गृहनगर निकल पड़े। उन्हें अपनी बच्ची को अपने हाथों में पहली बार पकड़ने की जगह उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा।
वह बंगाल के खिलाफ बड़ौदा के पहले रणजी मैच में हिस्सा नहीं ले पाए।
अगर विष्णु जरूरत के समय अपनी पत्नी के साथ रहते को किसी को कोई परेशानी नहीं होती लेकिन घरेलू क्रिकेटरों के लिए रणजी ट्रॉफी आजीविका कमाने का अहम जरिया है और पहले ही मुकाबलों में कटौती के साथ आयोजित हो रहे सत्र के मैच से बाहर रहने का मतलब है कि आय से वंचित रहना।
विष्णु इसीलिए चंडीगढ़ के खिलाफ दूसरे मुकाबले के लिए कटक पहुंच गए। वह त्रासदी को भूलने का प्रयास कर रहे थे।
विष्णु ने इसके बाद शतक जड़ा। उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की याद दिलाई जो अपने पिता की मौत के बाद ब्रिस्टल पहुंच गए थे क्योंकि उनकी मां नहीं चाहती थी कि वह देश की सेवा से पीछे हटें।
युवा विराट कोहली को कौन भूल सकता है जिन्होंने 97 रन की पारी खेली और अपने पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया।
Vishnu Solanki ने अपनी बेटी के निधन के बाद खेल पर एकाग्रता लगाई और 12 चौकों की मदद से 103 रन की पारी खेली जो उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है।
लेकिन यह विपदा ही काफी नहीं थी कि रविवार को रणजी मैच के अंतिम दिन विष्णु को मैनेजर से खबर मिली कि काफी बीमार चल रहे उनके पिता का उनके गृहनगर में निधन हो गया है।
बड़ौदा क्रिकेट संघ (बीसीए) के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘विष्णु के पास बेटी के निधन के बाद वापस नहीं लौटने का विकल्प था लेकिन वह टीम के लिए खेलने वाला खिलाड़ी है, वह नहीं चाहता था कि टीम को मझधार में छोड़ दे। यही उसे विशेष बनाता है।’’
बड़ौदा को अपना अगला मुकाबला तीन मार्च से हैदराबाद के खिलाफ खेलना है और विष्णु के पास शोक मनाने का पर्याप्त समय भी नहीं है। वह अभी यह समझ भी नहीं पाए होंगे कि दो हफ्ते के भीतर बच्चे और पिता को गंवाने का गम क्या होता है।
किसी को नहीं पता कि Vishnu Solanki को भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा या नहीं लेकिन जब बात जज्बे की आएगी तो वह शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल होंगे।

