WTC Schedule: इंडिया (India) ने बांग्लादेश (Bangladesh) को मीरपुर (Meerpur) टेस्ट में हराया था इस टेस्ट को जीतने के साथ ही टीम इंडिया (Team India) ने 2 टेस्ट मैच की सीरीज में बांग्लादेश को 0-2 से क्लीन स्वीप कर दिया था। इस सीरीज को जीतने के बाद टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के प्वाइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पहुँच गई थी।
जबकि ऑस्ट्रेलिया (Australia) की टीम 120 अंकों के साथ टॉप पर थी और उसका भी फाइनल मे खेलना तय था लेकिन, इंग्लैंड (England) की टीम के पास इन दोनों टीमों से ज्यादा 124 अंक थे फिर भी वो फाइनल की रेस से बाहर थी ऐसा क्यों हैं? इसका कारण क्या है, इस बार की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अलग क्या है? फाइनल में पहुंचने का फॉर्मूला कैसे तय होगा इन सब बातों को हम विस्तार से समझेंगे।
पहले हम यह समझ लेते हैं कि कौन से देश को कितने मैच इस बार खेलने थे WTC Schedule में इंग्लैंड (England) को सबसे ज्यादा 22 टेस्ट खेलने थे। इसमें से 11 उसे घर में और 11 विदेश में, दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया (Australia) की टीम को 19 (10 घर मे और 9 बाहर), इंडिया (India) को 18 (8 घर में, बाहर 10), साउथ अफ्रीका (South Africa) को 15, पाकिस्तान (Pakistan) को 14, वेस्टइंडीज (West Indies) और न्यूजीलैंड (New Zealand) को 13-13, बांग्लादेश-श्रीलंका (Bangladesh) को 12-12 टेस्ट खेलने थे।

इंडिया (India) को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की दूसरे चरण में 4 टेस्ट मैच और खेलने थे, जो कि 2023 फरवरी-मार्च में ऑस्ट्रेलिया (Australia) के विरुद्द हुए वहीं, दक्षिण अफ्रीका (South Africa) को 4 टेस्ट (2 ऑस्ट्रेलिया (Australia) के विरुद्द और बाकी दो अपने घर में वेस्टइंडीज (West Indies) से खेले हैं), श्रीलंका (Sri Lanka) ने 2 टेस्ट न्यूजीलैंड (New Zealand) के घऱ में खेले है इसीलिए इन सीरीजों में टीमों के हार-जीत से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट्स टेबल में बदलाव हुए है।
WTC Schedule क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया?
इस बदलाव के बारे में समझने से पहले हम आपको यह बताना चाहेगे कि आखिर यह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) क्या है और इसे क्यों शुरू करने का फैसला लिया गया? WTC Schedule में कितने देश शामिल होते हैं? इसकी कितनी सीरीज खेली जाती है और जीत, हार या मैच ड्रॉ होने पर कैसे अंक मिलते हैं और पिछले सीजन के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप से इस बार क्या अलग होने वाला है?
तो आइए आपको सविस्तार पूर्वक तरीके से WTC Schedule की सारी बातें हम जानते हैं सबसे पहले यह जानते है कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप क्या है और इसकी शुरुआत क्यों हुई?
जैसा कि यहाँ पर इसके नाम से ही पता चल जाता है कि यह टेस्ट फॉर्मेट की वर्ल्ड चैंपियनशिप है और जैसा की वनडे और टी20 में विश्व कप में होता है वैसे ही, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टेस्ट क्रिकेट को पॉपुलर और रोमांचक बनाए रखने के लिए इसकी शुरुआत की थी इसमें टेस्ट की 9 टॉप टीमों को शामिल किया गया है।

WTC Schedule में किस टीम को कितनी सीरीज खेलनी होती है?
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का चरण दो साल का होता है इस 2 साल की अवधि में टेस्ट की टॉप-9 टीमों में से हर एक को कुल 6 सीरीज खेलनी होती है यह सीरीज घर मे और दूसरे देश के ग्राउन्ड मे इस फॉर्मेट के हिसाब से होती है। यानी एक टीम को अपने घर में 3 और विदेश में भी इतनी टेस्ट सीरीज खेलनी होती है सभी टीमों की निर्धारित सीरीज खत्म होने के बाद जो दो टीमें प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर रहती हैं, उन्हीं के बीच फाइनल खेला जाता है।
पहली बार WTC Schedule का आयोजन साल 2019 से साल 2021 के बीच मे हुआ था तब इंडिया (India) और न्यूजीलैंड (New Zealand) की टीम फाइनल में पहुंची थी, इंग्लैंड (England) के साउथैम्प्टन में हुए इस फाइनल खिताबी मैच में इंडिया (India) को हराकर न्यूजीलैंड (New Zealand) की टीम पहली बार टेस्ट की विश्व चैंपियन बनाई थी।
अभी दूसरी बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (2021-2023) की शुरुआत होने वाली है। इसका फाइनल 7 जून से इंडिया (India) और ऑस्ट्रेलिया (Australaia) के बीच ओवल में खेला जा रहा है। इस बार के चरण का फॉर्मेट भी पिछले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जैसा ही है, बस, इसके पॉइंट्स सिस्टम में बदलाव हुआ है वो क्या है, आइए आपको समझाते हैं।
WTC Schedule का प्वाइंट्स सिस्टम क्या है?
साल 2019 से 2021 के बीच शुरू हुई पहली WTC Schedule में हर सीरीज के 120 पॉइंट तय थे लेकिन, इसके दूसरे चरण में सीरीज के बजाए हर मैच के अंक तय किए जाते है, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के दूसरे चरण में एक टेस्ट जीतने पर टीम को 12 अंक मिलते हैं, मैच ड्रॉ रहने पर 4 और टाई होने की स्थिति में 6 अंक मिलेंगे।
WTC Schedule मे क्यों प्वाइंट्स सिस्टम में बदलाव किया गया?
WTC Schedule के प्वाइंट्स सिस्टम में बदलाव करने की सबसे बड़ी वजह यह थी कि ज्यादा मैचों की सीरीज खेलने वाली टीमों को अतिरिक्त फायदा ना मिले, इसे ऐसे समझ सकते हैं कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चरण में हर टीम को 6 सीरीज (3 होम, 3 अवे) खेलनी होती है लेकिन, हर सीरीज में टेस्ट मैचों की संख्या बराबर नहीं होती किसी सीरीज में 2 टेस्ट खेले जाते तो किसी में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज होती थी, ऐसे में किसी टीम को अतिरिक्त फायदा ना मिले, उसे बेहतर बनाने के लिए ही हर मैच मे जीत-हार के हिसाब से अंक तय करना शुरू किया गया है।
WTC Schedule मे इस बार हर मैच के अंक
पिछली WTC Schedule में हर सीरीज के लिए कुल 120 अंक थे, जिन्हें मैचों की संख्या के अनुसार बांटा गया था। तब पांच टेस्ट मैच की सीरीज के प्रति मैच जीतने पर किसी टीम को अधिकतम 24 अंक मिलते थे वहीं, 2 टेस्ट की सीरीज का मैच जीतने पर 60 अंक मिलते थे इसका मतलब यह था कि 5 टेस्ट की सीरीज की जगह 2 टेस्ट की सीरीज में पूरे अंक हासिल करना किसी भी टीम के लिए बहुत ही आसान था। इसी अनुचित फायदे को खत्म करने के लिए सीरीज के अंक निर्धारित करने के बजाए मैच के पॉइंट तय़ किए गए और फिर इसी आधार पर आईसीसी ने पर्सेंटेज प्वाइंट्स सिस्टम लागू किया।
WTC Schedule मे टीमें फाइनल के लिए कैसे क्वालीफाई करेंगी?
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के दूसरे चरण में फाइनल का रास्ता कुल अंकों से नहीं, बल्कि पर्सेंटेज प्वाइंट्स से तय होगे, इसे सीधे शब्दों में समझें तो आईसीसी (ICC) ने टीमों द्वारा खेले गए मैचों की संख्या के असंतुलन को हटाने के लिए क्वालिफिकेशन का पैमाना अंकों के बजाए पर्सेंटेज पॉइंटस को बनाया है यानी इससे फर्क नहीं पड़ता कि किस टीम ने कितने ज्यादा मैच जीते हैं, जिसका पर्सेंटेज पॉइंट ज्यादा होगा, वो टीम फाइनल में जाएगी।
इसी वजह से इंग्लैंड (England) के ऑस्ट्रेलिया (Australia) और भारत (India) से ज्यादा अंक होने के बावजूद वो फाइनल की रेस से बाहर है क्योंकि उसके पर्सेंटेज प्वाइंट्स इन दोनों देशों से कम हैं।
यहाँ पर हम आपको यह बता दें कि WTC Schedule का पहला चरण प्वाइंट्स सिस्टम के तहत ही शुरू किया गया था लेकिन, जब यह बात पूरी तरह से साफ हो गई कि कोरोना की वजह से सभी सीरीज पूरी नहीं कराई जा सकती, तब यह पर्सेंजेट प्वाइंट्स सिस्टम अस्तित्व में आया था इसके जरिए ही पहले चरण को तय समय में खत्म किया जा सका था।
अब आगे बात यह आती है कि पर्सेंटेज प्वाइंट्स कैसे कैलकुलेट किए जाते हैं? तो उसके बारे में आपको बताने से पहले यह बता देते हैं कि कौन सी टीम, किसके खिलाफ और कितने मैच की सीरीज खेलेगी, यह आईसीसी तय नहीं करती है यह उस देश का क्रिकेट बोर्ड तय करता है मैचों की संख्या भी दोनों क्रिकेट बोर्ड मिलकर तय करते हैं और आईसीसी अपने फ्यूचर टूर प्रोग्राम के हिसाब से इसे मंजूरी देती है।
WTC Schedule मे पॉइंट सिस्टम और पर्सेंटेज प्वाइंट्स क्या है?
WTC Schedule) के दूसरे चरण में एक टेस्ट मैच जीतने पर टीम को 12 अंक, एक मैच ड्रॉ होने पर 4 और मैच टाई होने पर 6 अंक मिलते हैं और मैच हारने पर कोई भी अंक नहीं मिलता है। अभी टीम इंडिया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। भारत के कुल 99 अंक हैं और 58.93 पर्सेंटेज प्वाइंट्स हैं अब यह 99 अंक कैसे हैं, पहले यह आपको बता देते हैं. इसके बाद पर्सेंटेज पॉइंट समझेंगे।
इंडिया ने अभी तक 5 टेस्ट मैच की सीरीज खेल ली है इसमें टीम इंडिया (Team India) ने कुल 14 टेस्ट मैच खेले हैं इसमें से 8 टेस्ट मैच जीते हैं, 4 मैच हारे हैं और 2 मैच ड्रॉ रहे हैं। भारत को 8 टेस्ट मैच जीतने पर 96 अंक और 2 मैच ड्रॉ करवाने के लिए 8 प्वाइंट्स मिले हैं
यानी टीम इंडिया के कुल 104 अंक होने चाहिए थे लेकिन, अभी टीम इंडिया के खाते में 99 अंक ही हैं अब सवाल यह उठेगा कि ऐसा क्यों? ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि भारतीय टीम पर धीमे ओवर रेट के कारण 5 प्वाइंट्स की पेनल्टी लगाई गई है इस तरह टीम इंडिया के 104 में से पांच अंक कम होकर 99 प्वाइंट्स ही हैं।
अब बात करते हैं पर्सेंटेज प्वाइंट्स की. भारत के 58.93% परसेंटेज प्वाइंट्स हैं. परसेंटेज प्वाइंट्स क्या होता है और कैसे निकाला जाता है यह आगे समझते हैं.
WTC Schedule में किसी टीम के पर्सेंटेज प्वाइंट्स का सीधा सा मतलब यह होता है कि किसी भी टीम ने अपने लिए मुमकिन अधिकतम प्वाइंट्स में से कितने अंक हासिल किए हैं तो इस लिहाज से देखें तो भारत (India) ने अब तक 14 टेस्ट खेले हैं एक मैच में जीत से 12 प्वाइंट्स मिलते हैं
यानी 14 टेस्ट मैच से भारत अधिकतम 168 प्वाइंट्स हासिल कर सकता था, भारत ने इनमें से 99 प्वाइंट्स हासिल किए हैं यानी भारत या किसी भी टीम का पर्सेंटेज प्वाइंट्स अगर निकालना है तो टीम के कुल प्वाइंट्स को 100 से गुणा करके, उसे कुल अधिकतम अंकों से भाग दे दीजिए. तो पर्सेंटेज पॉइंट निकल आएगा, इसी आधार पर ऑस्ट्रेलिया (Australia) पहले, भारत (India) दूसरे, दक्षिण अफ्रीका (South Africa) तीसरे और श्रीलंका (Sri Lanka) चौथे स्थान पर है।



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