Syed Mushtaq Ali Trophy: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के अगले सीजन से गेंदबाजों को एक और नया मौका मिलेगा अपनी तेज गेंदबाजी की धार दिखाने की। क्योंकि बीसीसीआई (BCCI) ने गेंदबाजों के हित में एक बड़ा फैसला ले लिया है,लेकिन उनका लिया हुआ यह फैसला बल्लेबाजों को पसंद नहीं आएगा।

Syed Mushtaq Ali Trophy मे एक नया नियम

आज के समय में क्रिकेट को बल्लेबाजों का खेल ही कहा जाता है और शायद इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि मौजूदा कालखंड में जो अधिकतर नियम बन रहे हैं उससे बल्लेबाजों को बहुत ही लाभ होता है और इसी वजह से मैदान पर बल्लेबाजों द्वारा रनों की बारिश देखने को मिलती है। लेकिन अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (ICCB) ने एक कडा फैसला लेते हुए बल्ले और गेंद के बीच तालमेल बनाने का फैसला किया है। अभी हाल ही में बीसीसीआई (BCCI0 की शुक्रवार को एपेक्स काउंसिल की बैठक हुई जिसमें भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस संबंध में एक नया फैसला ले लिया है।
मौजूदा समय के क्रिकेट की बात करे तो अभी तक सीमित ओवरों की क्रिकेट में गेंदबाज को एक ओवर में एक ही बाउंसर डालने की इजाजत है दूसरी बाउंसर गेंद होने पर उसे नो बॉल दे दिया जाता है। लेकिन अब बीसीसीआई ने इस नियम में एक बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। बीसीसीआई ने अपनी बैठक में फैसला किया है कि देश के घरेलू टी20 टूर्नामेंट Syed Mushtaq Ali Trophy के अगले सीजन में गेंदबाज को एक ओवर में दो बाउंसर डालने की अनुमति दी जाएगी।
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Syed Mushtaq Ali Trophy का नया नियम क्या IPL में होगा लागू?
अब सवाल ये उठता है कि क्या ये नियम आईपीएल (IPL) में भी लागू होगे अथवा नहीं, ये सवाल इसलिए भी लाजमी है क्योंकि बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट में,खासकर Syed Mushtaq Ali Trophy में जो भी बदलाव करती है उन्हें फिर आईपीएल में भी लागू करते हुए देखा जाता है। उदाहरण के तौर पर इम्पैक्ट प्लेयर के नियम का इस्तेमाल. बीसीसीआई ने Syed Mushtaq Ali Trophy के पिछले सीजन में इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को पहली बार लागू किया था और इस नियम के अंतगर्त टीमें अपनी प्लेइंग-11 में मैच के दौरान एक बदलाव कर सकती हैं इस नियम को बीसीसीआई ने फिर आईपीएल-2023 (IPL2023) में भी लागू किया था।
बीसीसीआई ने हालांकि इसमें भी बदलाव किया था सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बीसीसीआई ने पारी के 14वें ओवर से पहले ही इस नियम के इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी लेकिन आईपीएल-2023 में टीमें कभी भी इस नियम का इस्तेमाल कर सकती थीं। ऐसे में ये भी हो सकता है कि बीसीसीआई दो बाउंसर वाले नियम का ट्रायल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में करे और फिर इसे आईपीएल में भी लागू कर दे।
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Syed Mushtaq Ali Trophy के नए नियम से गेंदबाजों को होगा फायदा

इस नियम से गेंदबाजों को निश्चित तौर पर बहुत ही लाभ होगा, क्योंकि बाउंसर एक ऐसी गेंद है जो बल्लेबाजों के लिए बहुत ही घातक होती है और बल्लेबाज भी इस गेंद से बहुत ही परेशान होते हैं। क्योंकि अक्सर गेंदबाज बाउंसर का इस्तेमाल बल्लेबाज को परेशान करने के लिए ही किया करते हैं। इस गेंद को खेलते हुए बल्लेबाजों को आमतौर पर असहज होते देखा जाता है अभी तक गेंदबाज ओवर में सिर्फ एक ही बाउंसर फेंक सकता था, लेकिन अब नए नियम के तहत सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में गेंदबाज दो बाउंसर फेंक सकेंगे जिससे बल्लेबाजों को दिक्कतों का सामना करना ही पड़ेगा और इससे गेंदबाजों के विकेट लेने की संभावना भी बढ़ जाएगी।

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