Sarfaraz khan ने अपने क्रिकेटर का श्रेय अपने पिता को क्यों दिया? जानिए उनके कुछ अनसुने किस्से के बारे मे?

Sarfaraz khan:  भारत और इंग्लैंड (India Vs England) के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) में 2 फरवरी से खेला जा रहा है। हालांकि पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया (Team India) को 28 रन से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद अब भारत (India) की कोशिश दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल करने पर है।

दूसरे टेस्ट मैच में स्टार खिलाड़ी (Star Khiladi) केएल राहुल और रवींद्र जडेजा (K L Rahul And Ravindra Jadeja) खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। दोनों ही खिलाड़ी चोटिल होने की वजह से दूसरे टेस्ट मैच से बाहर हैं, जिसके बाद बीसीसीआई (BCCI) ने सरफराज खान (Sarfaraz Khan) को पहली बार भारतीय टीम (Indian Team) में शामिल किया।

Sarfaraz khan का डैब्यू क्या हो सकता है?

घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले सरफराज खान के शानदार प्रदर्शन के बाद उनका डेब्यू (Debut) का सभी को इंतजार हैं। हाल ही में सरफराज ने दूसरे टेस्ट से पहले जियो सिनेमा (Jio Cinema) से बातचीत करते हुए एक इंटरव्यू में अपने पिता और अपने कुछ अनसुने किस्से शेयर किए हैं।

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Sarfaraz khan की कामयाबी मे रहा पिता का हाथ

दरअसल, सरफराज खान (Sarfaraz khan) ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि क्रिकेट से उनके पिता ने ही उन्हें रूबरू कराया। मैं हमेशा सोचता था कि मैं खेल क्यों रहा हूं? मैं स्वभाव से आक्रामक बल्लेबाज हूं और मैं दूसरों की तुलना में जल्दी आउट हो जाता था और मेरे बल्ले से बड़े रन निकलना मुश्किल हो रहा था। ये देखकर दिल दुखता था कि सब तरक्की कर रहे हैं, लेकिन मैं रन नहीं बना पा रहा था। हालांकि, जब मैं मुंबई से यूपी (Mumbai to UP) भी गया तो मेरे पापा फ्लाइट लेकर मुझे देखने के लिए पहुंच थे।

वह मुझे बॉलिंग करते थे और लगातार मेरी मदद करते थे कि कैसे में अच्छा शॉट खेल सकूं। जब मैं मुंबई ( Mumbai) वापस लौटा तो मैं डरा हुआ था, मुझे लगता था कि इस खेल में मेरा कोई भविष्य नहीं हैं, लेकिन मेरे पिता ने हमेशा मेरा सपोर्ट किया। अगर आपको सही मौका ना मिले तो आपका जीवन में आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता, लेकिन मेरे पिता हमेशा मेहनत पर भरोसा रखते हैं और जो भी मैंने हासिल किया वह मेहनत से ही किया।

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Sarfaraz Khan आसानी से संतुष्ट होने वाला खिलाड़ी नहीं

सरफराज खान ने कहा कि मेरी ताकत यह है कि मैं आसानी से संतुष्ट नहीं होता। मैं हर दिन 500-600 गेंदें खेलता हूं। अगर मैं एक मैच में कम से कम 200-300 गेंदें नहीं खेल पाता तो मुझे लगता है कि मैंने कुछ खास नहीं किया। यह अब एक आदत है। सुबह, दोपहर और शाम को अभ्यास करता हूं।

मैं केवल एक ही चीज का आदी हूं वो है बल्लेबाजी करना और गेंदों का सामना करना। अगर आप पांच वनडे मैच (5 One Day Match) खेलना चाहते हैं तो आपको धैर्य रखना होगा और हर दिन प्रैक्टिस करनी होगी। मैं पूरे दिन क्रिकेट खेलता हूं और इसीलिए मैं लंबे समय तक पिच पर टिक सकता हूं।।

Sarfaraz khan के पसंदीदा क्रिकेटर

सरफराज खान ने आगे कहा कि मुझे विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, सर विवियन रिचर्ड्स (Virat Kohli, AB de Villiers, Sir Vivian Richards) और यहां तक ​​कि जावेद मियांदाद (Javed Miandad) को देखना पसंद है, क्योंकि मेरे पिता ने मुझसे कहा है कि मैं उनकी तरह ही बैटिंग करता हूं। मैं जो रूट (Joe Root ) की बैटिंग भी देखता हूं। वहीं, जो भी सफल हो रहा होता है मैं उसके शॉट्स को देखता हूं ताकि मैं भी उनसे कुछ सीख सकूं।

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