2 जनवरी के दिन ही सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने अपने कोच रमाकांत आचरेकर (Ramakant Achrekar) को खो दिया था। आज इनकी पुण्यतिथि पर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने इन्हें याद किया है। उन्होंने भावुक होकर लिखा है कि मैं आज भी हर दिन इन्हें पूरे दिल से याद करता हूं।
(India ) भारत में यदि क्रिकेट को धर्म माना जाता है तो इसमें कोई भी शक नहीं है कि इनके भगवान सचिन तेंदुलकर(Sachin Tendulkar) हैं। सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar ) के क्रिकेट को छोड़ने के बावजूद क्रिकेट प्रेमी के बीच इनके प्रति दीवानगी में जरा सी भी कमी नहीं आई है, और शायद यही कारण है कि आज भी जब वह नजर आते हैं तो क्रिकेट प्रेमी स्वयं सचिन के प्रति सचिन-सचिन का उच्चारण करने से अपने आप को रोक नहीं पाते हैं।
हाल ही में एक वीडियो भी अभी सबके सामने आया था जिसमें प्लेन के अंदर के सभी लोग जोर जोर से सचिन-सचिन के नारे लगा रहे थे। हालांकि इस वीडियो में कही भी सचिन नजर नहीं आ रहे थे, लेकिन बाद में इन्होंने इस वीडियो को सबके साथ मे साझा कर सबका शुक्रिया अदा किया था। लेकिन सचिन को सचिन बनाने में जिस व्यक्ति का हाथ है, आज उस शख्स की पुण्यतिथि है। सचिन ने एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने गुरु रमाकांत आचरेकर (Ramakant Acharekar) को याद किया है। उन्होंने लिखा है ” इन्होंने मुझे तकनीक, अनुशासन और सबसे खास खेल के प्रति उसका आदर करना भी सीखाया है।

मैं आज भी इन्हें हर दिन याद करता हूं। आज इनकी पुण्यतिथि है। मैं अपने जीवन के द्रोणाचार्य को सलाम करता हूं। और आज मे यह पूरे दिल से कहता हू कि बिना इनके मैं इस तरह का क्रिकेटर नहीं बन पाता।”
आपको बता दें कि सचिन पहले भी कई बार कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि रमाकांत आचरेकर नहीं होते तो उनका क्रिकेट करियर इस तरह का नहीं होता है। रमाकांत आचरेकर(Ramakant Achrekar) का स्वर्गवास 2 जनवरी 2019 को गया था।
| भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के बारे मे और अधिक जानने के लिए यह भी पढ़े:- #1. सूर्यकुमार यादव #2. दिनेश कार्तिक #3. हार्दिक हिमांशु पांड्या (उपनाम- हैरी) #4. सचिन तेंदुलकर #5. माही-महेंद्र सिंह धोनी #6. इशांत शर्मा #7. उमेश यादव #8. भुवनेश्वर कुमार #9. जसप्रीत बुमराह #10. राहुल द्रविड़ |
Sachin Tendulkar के जीवन मे गुरु का महत्व
सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) बहुत ही साधारण और क्रिकेट के प्रति उनके लगाव को पूरे क्रिकेट के प्रेमी अच्छी तरह से जानते है। जिस तरह से यह खेल मे अपने आप को समर्पित करते है। उसी तरह से यह अपने गुरु अपने कोच को पूरा अपने जीवन का श्रेय भी देते है। और शायद यही कारण है, कि आज भी जब की उनके गुरु इस दुनिया मे नहीं रहे है।
उसके बाद भी आज भी वो अपने गुरु को भूले नहीं है यही सब बाते आज भी सचिन को एक खास व्यक्तित्व का आदमे बनाते है आज सारे लोग जो की किशि भी कार्य मे लगे है तो उनको शिखाने वाला जो भी हो वो उनका गुरु ही होता है और उसे भी सचिन के द्वारा अपने गुरु के प्रति समर्पण को भली भाति सीखना चाहिए।
आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया था। क्रिकेट की दुनिया मे आपने खेल से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले सचिन को क्रिकेट को छोड़े हुए अभी उनको करीब 9 साल हो गए और अब भी क्रिकेट की दुनिया के कई रिकॉर्ड्स इस महान मास्टर ब्लास्टर(Mastar Blastar) बल्लेबाज के पास है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतकों का रिकॉर्ड बनाना हो या फिर सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का रिकॉर्ड यह सब मामले मे अभी तक के क्रिकेट मे भी अब भी सचिन टॉप पर मौजूद हैं। उनके नाम 34,357 अंतरराष्ट्रीय रन हैं।

सचिन के बाद भारत मे अगर कोई सचिन के रिकार्ड को पार कर सकता है तो वो सभी की नजर मे विराट कोहली के रूप मे नजर आता है। हालांकि यह बात भी सत्य है कि सचिन केवल एक है और सचिन जैसा कोई भी दूसरा नहीं हो सकता है।

