Asha Sobhana ने कुल 12 विकेट झटके थे और खूब सुर्खियां बटोरी थी। ऐसे में महिला प्रीमियर लीग (WPL) में शानदार प्रदर्शन करने वाली आशा शोभना ने सेलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्हें अब भारतीय टीम (Indian Team) से बुलावा आया हैं। ऐसे में फैंस उन्हें करीबी से जानने के लिए काफी उत्सुक हैं। आइए जानते हैं आशा शोभना के संघर्षों से भरी कहानी।
Asha Sobhana: 28 अप्रैल से शुरू होगा भारत बनाम बांग्लादेश टी20 सीरीज
Asha Sobhana: बांग्लादेश (Bangladesh) के खिलाफ 28 अप्रैल से शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women Cricket Team) में स्पिनर आशा शोभना को जगह मिली हैं। शोभना ने महिला प्रीमियर लीग 2024 में आरसीबी (RCB) की खिताबी जीत में अपनी अहम भूमिका निभाई थी।
Asha Sobhana का WPL मे शानदार प्रदर्शन

उन्होंने लीग में कुल 12 विकेट झटके थे और खूब सुर्खियां बटोरी थी। ऐसे में महिला प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन करने वाली आशा शोभना ने सेलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्हें अब भारतीय टीम से बुलावा आया हैं। ऐसे में फैंस उन्हें करीबी से जानने के लिए काफी उत्सुक हैं। आइए जानते हैं आशा शोभना के संघर्षों से भरी कहानी।
Asha Sobhana की स्ट्रगल जर्नी
जब Asha Sobhana महज 13 साल की थीं तो एक दिन स्कूल बंद होने के 3 घंटे बाद भी वह घर वापस नहीं आईं। उसके माता-पिता ने थाने में सूचना दी। हालांकि, आशा ने यह घोषणा करते हुए वापस आ गई कि उसे अपने माता-पिता की खुशी के लिए जिला टीम के लिए चुना गया है।
आशा शोभना से जुड़ा एक किस्सा बताते है कि एक शाम को वह बहुत ही थकी हुई थी और स्पिन गेंदबाजी करने की कोशिश कर रही थी। उनके कोच ने उन्हें देखा और उनसे वह काफी इंप्रेस हुए और उन्होंने उन्हें सलाह दी कि वह लेग स्पिनर बने।
धीरे-धीरे मेहनत के दम पर वह लेग स्पिनर बन गई और केरल की सीनियर टीम के लिए उन्होंने डेब्यू 14 साल की उम्र में किया (He made his debut for the senior Kerala team at the age of 14)। 15 साल की उम्र में केरल क्रिकेट एसोसिएशन (Kerala Cricket Association) ने उन्हें ट्रेनिंग के लिए मैक स्पिन फाउंडेशन (Mac Spin Foundation) भेजा, जहां पर उनकी मुलाकात टेरी जेनर (Terry Jenner) से हुई। वह शोभना की गेंदबाजी देख कर बहुत ही इंप्रेस हुए।
Asha Sobhana का घरेलू क्रिकेट मे प्रदर्शन

16 साल की उम्र में उन्होंने साउथ जॉन टीम (South John Team) में एंट्री की और साल 2008 में भारत (India) की अंडर-19 कैंप (Under-19 Camp) का हिस्सा बनी। साल 2012-13 में उनके टी20 में शानदार प्रदर्शन करने की वजह से उन्हें रेलवे (Railway) में जगह मिली और उन्होंने रेलवे टीम के लिए बहुत साल तक क्रिकेट खेला।
वह सीनियर विमेंस टी20 ट्रॉफी साल 2019 में रेलवे टीम की जीत का हिस्सा भी रही। साल 2022 में उन्होंने रेलवे टीम को छोड़ने का फैसला लिया, क्योंकि उन्हें लगातार प्लेइंग-11 में मौके नहीं मिल रहे थे।
इसके बाद उन्होंने पुडुचेरी में कमेंट्री (Commentary in Puducherry) में शुरुआत करने की ठानी। मेंस टी20 टूर्नामेंट में उनकी मुलाकात पुडुचेरी की कोच श्वेता मिश्रा (Puducherry coach Shweta Mishra) से हुई। श्वेता भारत की अंडर-19 टीम में आशा की साथी खिलाड़ी थी, जिन्होंने उनसे पुडुचेरी के लिए खेलने को कहा। प्लेइंग-11 में लगातार जगह नहीं मिलने वाली आशा को अचानक से पुडुचेरी टीम ने कप्तान बनाया।
यह टूर्नामेंट सीनियर विमेंस टी20 ट्रॉफी 2022 का था, जिसमें पुडुचेरी की टीम को आखिरी लीग स्टेज गेम में बंगाल की टीम (Bengal) से हार मिली। आशा इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 16 विकेट लेने वाली पुडुचेरी की विकेट टेकर गेंदबाज रही।


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