Sakibul Gani, Biography in Hindi, Domestic Career, IPL, Wife, Net worth, रणजी ट्रॉफी के डैब्यू मैच मे तिहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बनें साकिबुल गनी

 Sakibul Gani एक भारतीय क्रिकेटर हैं, जो घरेलू प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने फरवरी 2022 में अपने प्रथम श्रेणी पदार्पण पर तिहरा शतक बनाने वाले पहले क्रिकेटर बनकर सुर्खियाँ बटोरीं, यह उपलब्धि उन्होंने मिजोरम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में हासिल की।

साकिबुल गनी ने पिछले तीन-चार सीजन में रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार का प्रतिनिधित्व किया है। हाल ही में उन्हें बिहार सैयद मुश्ताक अली टीम का उप-कप्तान बनाया गया था। साकिबुल गनी बिहार के मोतिहारी से हैं। उनके पिता पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) की दुकान चलाते हैं। उनकी मां को उनके लिए बल्ला खरीदने के लिए अपने गहने गिरवी रखने पड़े थे। वह बिहार टीम के लिए एक मूल्यवान संपत्ति रहे हैं।

साकिबुल गनी  का जन्म 2 सितंबर 1999 को हुआ, फरवरी 2022 में, वे प्रथम श्रेणी मैच में पदार्पण पर तिहरा शतक बनाने वाले पहले क्रिकेटर बने।

उन्होंने 7 अक्टूबर 2019 को बिहार के लिए 2019-20 विजय हजारे ट्रॉफी में अपना लिस्ट ए डेब्यू किया।  उन्होंने 11 जनवरी 2021 को बिहार के लिए 2020-21 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपना ट्वेंटी 20 डेब्यू किया।  उन्होंने 17 फरवरी 2022 को बिहार के लिए 2021-22 रणजी ट्रॉफी में अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया।

 उन्होंने 341 रन बनाए, जो अपने प्रथम श्रेणी डेब्यू पर तिहरा शतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। गनी ने अपनी अगली दो पारियों में 98 और नाबाद 101 रन बनाए, जिससे उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बल्लेबाज की पहली तीन पारियों में 540 रनों के साथ सर्वोच्च कुल स्कोर मिला।

Table of Contents

​​ Sakibul Gani के बारे में मुख्य बातें:

प्रथम श्रेणी पदार्पण: उन्होंने 2019 रणजी ट्रॉफी सीज़न में बिहार के लिए पदार्पण किया।

तिहरा शतक: 2021 रणजी ट्रॉफी सीज़न में, उन्होंने मिजोरम के खिलाफ़ 341 रन बनाए, जो प्रथम श्रेणी पदार्पण पर तिहरा शतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।

आक्रामक बल्लेबाजी शैली: वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और तेज़ी से रन बनाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।

होनहार खिलाड़ी:  Sakibul Gani को भविष्य में सफलता की संभावना वाला एक होनहार युवा खिलाड़ी माना जाता है।

बिहार का पहला खिलाड़ी: वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक बनाने वाले बिहार के पहले खिलाड़ी हैं।

अतिरिक्त जानकारी: इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, वह सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के पहले खिलाड़ी भी थे।

इनका पूरा नाम  Sakibul Gani है इनका जन्म 02 सितंबर, 1999 को मोतिहारी, बिहार मे हुआ अभी इनकी आयु करीब 26 वर्ष की है इनकी बल्लेबाजी शैली दाहिना हाथ के बल्लेबाज की है और इनकी गेंदबाजी शैली दाहिने हाथ के मध्यम तेज़ गेंदबाज की है। 

Sakibul Gani की टीमें

बिहार

Sakibul Gani के बल्लेबाजी करियर आँकड़े

प्रारूपमैचपारीनॉटरनबेस्टऔसतगेंदस्ट्राइकशतकफिफ्टीचौकेछक्के
FC23402181434147.73310258.475525718
सूचीA3331286711429.89120571.95229020
T20s31294852120*34.08667127.73147435

Sakibul Gani के गेंदबाजी करियर आँकड़े

प्रारूपमैचपारीगेंदरनविकेटबेस्टऔसतइकोनोमीस्ट्राइक4 विकेट
FC23221351755154/9150.333.3590.01
सूची A3319565501113/2945.545.3251.30
T20s3179611811/21118.007.3796.00

Sakibul Gani के हालिया मैच

बिहार बनाम केरल 0 और 31 1/47 30-जनवरी-2025 थुंबा एफसी

बिहार बनाम यूपी 8 और 7 0/75 23-जनवरी-2025 पटना एफसी

बिहार बनाम केरल 31 3/56 05-जनवरी-2025 हैदराबाद सूची ए

बिहार बनाम बंगाल 14 0/7 03-जनवरी-2025 हैदराबाद सूची ए

बिहार बनाम बड़ौदा 43 1/62 31-दिसंबर-2024 हैदराबाद सूची ए

Sakibul Gani का डेब्यू/आखिरी मैच

एफसी मैच

पदार्पण

बिहार बनाम मिजोरम, कोलकाता – 17 फरवरी – 20 फरवरी, 2022

अंतिम

केरल बनाम बिहार, थुम्बा – जनवरी 30 – 31, 2025

सूची ए

पदार्पण

J+K बनाम बिहार, जयपुर – 07 अक्टूबर, 2019

अंतिम

केरल बनाम बिहार, हैदराबाद – 05 जनवरी, 2025

टी20 मैच

पदार्पण

बिहार बनाम अरुणाचल, चेन्नई – 11 जनवरी, 2021

अंतिम

बिहार बनाम मध्य प्रदेश, राजकोट – 05 दिसंबर, 2024

Sakibul Gani कौन हैं?

वे तीन-चार सीजन से लगातार बिहार टीम का हिस्सा हैं। हाल ही में Sakibul Gani को बिहार की सैयद मुश्ताक अली टीम का उप-कप्तान भी बनाया गया था। वे पिछले तीन-चार सीजन से लगातार रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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Sakibul Gani 15 पारी…1000 रन, डेब्यू में तिहरा शतक अब डबल सेंचुरी

भारतीय क्रिकेट अपने चरम पर पहुंच चुका है. उभरते युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से सेलेक्टर्स की टेंशन लगातार बढ़ी हुई है। दोहरे शतक की भारत में झड़ी लग चुकी है फिर चाहे इंटरनेशनल क्रिकेट हो या फिर फर्स्ट क्लास. टेस्ट क्रिकेट को लेकर सरफराज खान (Sarfaraz Khan) काफी चर्चा का विषय बने हुए हैं।

2019 के बाद से ही यह बल्लेबाज बीसीसीआई का दरवाजा खटखटा रहा है लेकिन आज 3 साल गुजर गए लेकिन बोर्ड का ध्यान उनकी तरफ अभी नहीं गया है।

भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले महीने टेस्ट सीरीज खेलनी है. बोर्ड द्वारा दो टेस्ट के लिए टीम का ऐलान हुआ, जिसमें फिर सरफराज का नाम नहीं था। जिसके बाद बीसीसीआई को ट्रोल आर्मी ने रिमांड पर ले लिया. सरफराज के रिकॉर्ड्स ने फैंस को यह करने पर मजबूर कर दिया है।

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका औसत 80 के पार है. इस बहस के बीच एक और बैटर सितारे की तरह चमका है. 23 साल के  Sakibul Gani भी दोहरे और तिहरे शतक से डील करते नजर आ रहे हैं।

Sakibul Gani ने डेब्यू मैच में जड़ा था तिहरा शतक

Sakibul Gani ने पिछले साल फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था. उन्होंने मिले मौके को तिहरा शतक जड़कर भुनाया. डेब्यू मैच में ट्रिपल सेंचुरियन ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से सभी को आकर्षित किया है. बिहार के इस युवा ने मणिपुर के खिलाफ 205 रन की बेहतरीन पारी खेली है. इसी के साथ साकिबुल गनी ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1000 रन पूरे किए हैं. उन्होंने यह उपलब्धि महज 15 पारियों में हासिल की है।

साकिब उल गनी (जन्म 2 सितंबर 1999) एक भारतीय क्रिकेटर हैं जो बिहार के लिए खेलते हैं। उन्होंने 2020-21 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बिहार के लिए 11 जनवरी 2021 को अपना ट्वेंटी 20 डेब्यू किया।  

Sakibul Gani बिहार के क्रिकेटर का जीवन परिचय  

 Sakibul Gani एक भारतीय क्रिकेटर हैं। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने डेब्यू मैच में 341 रनों की पारी खेलकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह एक ही फर्स्ट क्लास मैच में तिहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने।

जीवन परिचय:

जन्म: 2 सितंबर 1999

जन्मस्थान: बिहार

खेल: क्रिकेट

टीम: बिहार

विशेषता: दाएं हाथ के बल्लेबाज

देबू मैच: 2020-21 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी

विश्व रिकॉर्ड: प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने डेब्यू मैच में तिहरा शतक

अन्य: 7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया. उनके पिता का नाम मोहम्मद मन्नान गनी है, जो एक पीडीएस दुकान चलाते हैं. उन्होंने जिला स्कूल मोतिहारी से 2019 में मैट्रिक परीक्षा पास की।

साकिबुल गनी बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने मिजोरम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के मैच में 341 रनों की पारी खेली।

Sakibul Gani ने रणजी डेब्यू में तिहरा शतक जड़ इतिहास रच दिया

कहावत है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है. जिसके पास प्रतिभा हो उसे कोई आगे बढ़ने से रोक नहीं सकता. कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है मोतिहारी के लाल युवा क्रिकेटर सकिबुल गनी ने. सकिबुल ने शुक्रवार को क्रिकेट के इतिहास में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसकी कल्पना भी शायद किसी ने नहीं की होगी. 

Sakibul Gani ने बिहार टीम की तरफ से खेलते हुए मिजोरम टीम के खिलाफ 341 रन बना डाले. इसके साथ ही सकिबुल फर्स्ट क्लास डेब्यू पर तिहरा शतक बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए थे. गांव की गलियों में गिल्ली-डंडा खेलने वाले सकिबुल को आठ साल की उम्र में क्रिकेट का चस्का लगा।

आज सकिबुल के बचपन का शौक उनके जीवन का आधार बन गया है और उन्होंने बिहार टीम की ओर से खेलते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला है. मोतिहारी की लोकल टीम इलेवन स्टार का ये खिलाड़ी आज वर्ल्ड क्रिकेट का स्टार खिलाड़ी बन गया है।

सकिबुल की उपलब्धि से परिजनों में तो खुशी का माहौल तो है ही साथ ही आज पूरा चंपारण का सीना गर्व से चौड़ा हो चुका है. इस खुशी में मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में उनके साथी खिलाड़ियों ने जश्न भी मनाया और इस उपलब्धि के लिए केक भी काटा।

डेब्यू मैच में मिजोरम के खिलाफ रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद सकिबुल गनी ने उन आलोचकों का मुंह भी बंद कर दिया है, जिन्होंने बिहार टीम में शामिल किए जाने पर सकिबुल का विरोध किया था।

आज पूरा चम्पारण सकिबुल के नारे लगा रहा है और परिजनों को बधाई देने वालों का तांता लगा है.  बड़े भाई फैसल गनी के निर्देशन में आगे बढ़ने वाले सकिबुल ने देश दुनिया को बता दिया है कि चंपारण में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. तिहरा शतक जड़कर उन्होंने ये बात फिर साबित कर दिया है।  

मोतिहारी के अगरवा मोहल्ले में सकिबुल के घर पर जश्न का माहौल है. अपने होनहार पुत्र के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की खुशी में मिठाईयां बांटी जा रही है. 22 वर्षीय सकिबुल चार भाइयों में सबसे छोटे हैं और उनके बड़ा भाई कोच की भूमिका में हैं. सकिबुल की इस उपलब्धि पर उनकी मां आजमा खातून काफी खुश हूं.

सकिबुल की इस उपलब्धि पर एक ओर जहां चंपारण वासियों में खुशी का माहौल है, वहीं पूरे बिहार समेत देश- दुनिया में आज चम्पारण का डंका बज रहा है।

Sakibul Gani ने अपने पहले ही मैच में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया  

 बिहार के मोतिहारी के रहने वाले 22 वर्षीय क्रिकेटर Sakibul Gani ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के पहले ही मैच में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. सकिबुल उक्त फॉर्मेट के पहले ही मैच में तिहरा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर बन गए हैं. उन्होंने मिजोरम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के मैच में 341 रनों की पारी खेलकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।

यहाँ पर हम आपको यह बता दें कि बीसीसीआई द्वारा आयोजित रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट में पूर्वी चम्पारण के खिलाड़ी सकिबुल का चयन किया गया है. सकिबुल किसान परिवार से आते हैं. वे मूल रूप से मोतिहारी विधानसभा के चंद्रहिया गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता मनान गनी का जन वितरण दुकान था।

हालांकि, जब खेती और दुकान से आने वालों पैसों से घर चलाने में परेशानी हुई तो उन्होंने मोतिहारी मीना बाजार में आफिया स्पोर्ट्स नामक दुकान खोल ली।

सकिबुल गनी चार भाई और तीन बहनों में सबसे छोटे हैं. सबसे बड़े भाई फैशल गनी ने ही सकिबुल को बतौर कोच क्रिकेट की ट्रेनिंग दी है. फैशल गनी भी अंडर 16, 19 के साथ हेमन व बिजी ट्रॉफी में खेल चुके हैं।

सकिबुल गनी ने जिला स्कूल मोतिहारी से मैट्रिक 2019 में पास किया है. वहीं इसी स्कूल से वे इंटर की पढाई कर रहे हैं. लेकिन वे इस साल परीक्षा नहीं दे पाए।

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Sakibul Gani बिहार के लाल का कमाल:

बिहार के 22 साल के युवा बल्लेबाज Sakibul Gani ने इतिहास रच दिया है। साकिबुल अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के डेब्यू मैच में तिहरा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने ये खास उपलब्धि रणजी ट्रॉफी के मैच में मिजोरम के खिलाफ हासिल की। गनी से पहले किसी भी खिलाड़ी ने फर्स्ट क्लास के डेब्यू मैच में ट्रिपल सेंचुरी नहीं लगाई थी।

Sakibul Gani ने 387 गेंदों पर पूरा किया तिहरा शतक

दाएं हाथ के बल्लेबाज ने नंबर 5 पर बैटिंग करते हुए 387 गेंदों पर अपना तिहरा शतक पूरा किया था। 84.20 के स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने वाले गनी ने 405 गेंदों पर 341 रन की पारी खेली। इस ऐतिहासिक पारी के दौरान उन्होंने 56 चौके और 2 छक्के भी लगाए।

साकिबुल बिहार की ओर से फर्स्ट क्लास में तिहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी भी बने। इससे पहले 1967 में आनंद शुक्ला ने ओड़िसा के खिलाफ नाबाद 242 रन की पारी खेली थी।

Sakibul Gani की वर्ल्ड रिकॉर्ड पारी

Sakibul Gani से पहले फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू पर सबसे बड़ा स्कोर बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड मध्यप्रदेश के अजय रोहेरा के नाम पर दर्ज था। अजय ने 2018-19 के रणजी सीजन में हैदराबाद के खिलाफ 267 रन बनाए थे, लेकिन अब गनी रोहेरा ने आगे निकल गए हैं।

Sakibul Gani ने बाबुल कुमार के साथ जोड़े 538 रन  

एक समय बिहार का स्कोर 71/3 था, इसके बाद जो हुआ वो हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। चौथे विकेट के लिए बाबुल कुमार और साकिबुल गनी ने 756 गेंदों पर 538 रन की पार्टनरशिप की। रणजी में चौथे विकेट के लिए ये चौथी सबसे बड़ी साझेदारी रही। साकिबुल के तिहरे शतक के अलावा बाबुल ने भी दोहरा शतक जमाया।

Sakibul Gani को मां की जिद ने बनाया चैंपियन

Sakibul Gani नए स्टार बनकर उभरे हैं और अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लिया है, लेकिन उनके यहां तक पहुंचने की कहानी बेहद ही संघर्ष वाली रही है. क्रिकेट के अच्छे बैट 30 से 35 हजार रुपए के आते हैं. ऐसे में गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले गनी के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे बैट खरीद सकें, पर मां तो मां ही होती है. उसने अपने गहने गिरवी रखकर बेटे के सपने को पूरा करने की ठानी और आज परिणाम सबके सामने हैं.

गनी फर्स्ट क्लास क्रिकेट के डेब्यू मैच में तिहरा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. 22 साल के बिहार के गनी ने रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) के एक मैच में 405 गेंद पर 341 रन बना डाले. मिजोरम के खिलाफ उन्होंने 56 चौके और 2 छक्के भी जड़े।

साकिबुल गनी इससे पहले जूनियर क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं. उनके बड़े भाई फैसल गनी ने बताया कि हमारे पास साकिबुल के महंगे बैट खरीदने के पैसे नहीं थे. लेकिन मां ने कभी भी पैसे की कमी महसूस नहीं होने दी. जब भी परेशानी आती थी, मां अपना गहना गिरवी रखकर मदद कर देती थीं.

उन्होंने बताया कि पिछले दिनों जब गनी टूर्नामेंट खेलने के लिए जा रहा था कि मां ने उसे 3 बैट दिए. फिर कहा- जाओ बेटा तीन शतक लगा कर आना. उसने पहले ही मैच में तिहरा शतक लगाकर उनके सपने को पूरा कर दिया.

Sakibul Gani ने 7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया

22 साल के युवा बल्लेबाज साकिबुल गनी ने 7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था. उनके पिता मोहम्मद मन्नान पीडीएस की दुकान चलाते हैं. उन्होंने बताया कि उसने 7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. वह अपने बड़े भाई के साथ खेलने जाता था. हमने हर तरह से उसकी मदद करने की कोशिश.

एक बार साकिबुल अपने बड़े भाई फैसल को 2009 में मैच खेलने के लिए पटना एयरपोर्ट छोड़ने गया था. फैसल ने बताया कि मुझे हवाई जहाज में बैठता देख साकिबुल को लगा कि वह भी क्रिकेट खेलेगा तो फ्लाइट से यात्रा कर सकेगा. इसके बाद उसने खेल पर और ध्यान शुरू किया. फैसल तेज गेंदबाज हैं.

Sakibul Gani स्टेट लेवल टूर्नामेंट में भी जड़ चुके हैं तिहरा शतक

Sakibul Gani ने पहली बार तिहरा शतक नहीं लगाया है. इससे पहले वे स्टेट लेवल के अंडर-23 टूर्नामेंट में भी 306 रन की बड़ी पारी खेल चुके हैं. इसके अलावा वे दोहरा शतक भी जड़ चुके हैं. हालांकि खेल के चलते वे पढ़ाई में पिछड़ गए. वे 12वीं की परीक्षा भी नहीं दे सके.

वे तेज गेंदबाजी भी करते हैं. साकिबुल 14 लिस्ट-ए मैच में 31 की औसत से 377 रन बना चुके हैं. 4 विकेट भी झटके हैं. वहीं टी20 की 9 पारियों में 27 की औसत से 192 रन बनाए हैं. एक अर्धशतक लगाया है. रणजी के मौजूदा सीजन में उन्होंने अच्छी शुरुआत की है. अब नजर आने वाले मैचों में उनके प्रदर्शन पर है।

Sakibul Gani को बड़े भाई का साथ

Sakibul Gani की कामयाबी के पीछे उनके भाई का बड़ा हाथ है। बिहार क्रिकेट असोसिएशन की मान्यता रद्द हो चुकी थी। लेकिन उन्होंने गनी को प्रैक्टिस करवानी बंद नहीं की। फैजल खुद एक क्रिकेटर थे लेकिन वह कई कारणों से आगे नहीं बढ़ पाए लेकिन अपने भाई के लिए उन्होंने पूरी जी-जान लगा दी।

बिहार क्रिकेट में शीर्ष स्तर पर आपसी खींचतान के कारण सकीबुल गनी के पिता अपने बेटे के क्रिकेट में भविष्य को लेकर बहुत आश्वस्त नहीं थे। लेकिन इस खेल को दीवानगी की हद तक चाहने वाले इस युवा खिलाड़ी के साथ उनके बड़े भाई का समर्थन था, जिसके दम पर वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने पदार्पण मैच में ही तिहरा शतक जड़कर इतिहास रचने में सफल रहे।

बिहार के सकीबुल ने मिजोरम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने अपनी पहली पारी में 341 रन बनाकर वह कारनामा कर दिखाया, जिसे 1772 से शुरू हुए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कोई बल्लेबाज नहीं कर पाया था।

इंग्लैंड के थॉमस मार्सडन 26 जुलाई 1826 को जब अपने पहले प्रथम श्रेणी मैच में दोहरा शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने, तो तब किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि पदार्पण मैच में तिहरा शतक लगाने का रिकार्ड इसके लगभग 200 साल बाद सुदूर भारत के एक राज्य बिहार के 22 साल के लड़के सकीबुल गनी के नाम पर दर्ज होगा।

लेकिन क्रिकेट इतिहास में अब मोतिहारी के अगरवा कस्बे के सकीबुल का नाम अमिट रूप में दर्ज हो चुका है और अब उनके पिता अदनान गनी को भी अपने बेटे पर गर्व है। पेशे से किसान अदनान गनी कभी चाहते थे कि उनके चारों बेटे पढ़ाई पर ध्यान दें या खेती किसानी में उनका हाथ बंटायें।

इसका एक बड़ा कारण यह था कि बिहार 2004 से रणजी ट्रॉफी नहीं खेल रहा था और राज्य संघ में गुटबाजी के कारण भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने नवगठित झारखंड राज्य को मान्यता देना उचित समझा था।

बिहार के क्रिकेट खिलाड़ियों का भविष्य चौपट हो रहा था और इनमें सकीबुल के बड़े भाई फैजल गनी भी शामिल थे, जो कूच बेहार ट्रॉफी और विज्जी ट्रॉफी में खेल चुके थे। लेकिन फैजल को विश्वास था कि एक दिन बिहार क्रिकेट की स्थिति सुधरेगी, इसलिए उन्होंने अपने सबसे छोटे भाई सकीबुल को क्रिकेट का ककहरा सिखाया और यह सुनिश्चित किया कि विषम परिस्थितियों के बावजूद भी उसके अभ्यास में किसी तरह की बाधा पैदा न हो।

अब उनके पिता और मां अजमा खातून चाहते हैं कि उनका बेटा भारत की तरफ से खेले। सकीबुल के पिता अदनान ने कहा, ‘सकीबुल चार भाइयों में सबसे छोटा है और जब वह जिला स्कूल में पढ़ता था, तभी से क्रिकेट के प्रति जुनूनी हो गया था।’

बिहार की 2018 में रणजी ट्रॉफी में वापसी हुई और इस बीच सकीबुल अपने भाई के भरोसे पर खरा उतरने के लिए कड़ी मेहनत करने लगा। कभी मोतिहारी के गांधी मैदान में खेलने वाले सकीबुल की किस्मत ने, हालांकि तब नया मोड़ लिया, जब बिहार अंडर-23 के पूर्व कोच अजय रात्रा ने पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में ‘ट्रायल्स’ के दौरान इस युवा बल्लेबाज को देखा। वह उनके ‘शॉट’ चयन और ‘टाइमिंग’ से प्रभावित थे। रात्रा जानते थे कि थोड़े से बदलावों के बाद इस खिलाड़ी में निखार लाया जा सकता है और फिर वही हुआ।

रात्रा ने सकीबुल की तकनीक में कुछ बदलाव किए, जिसके बाद तो वह जूनियर क्रिकेट में बिहार की ‘रन मशीन’ बन गये। सकीबुल ने 2018-19 के सत्र में बिहार ‘अंडर-23’ की टीम से सर्वाधिक 685 रन बनाए, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 282 रन था।

अगले सत्र में सीके नायडू ट्रॉफी में उन्होंने 694 रन बनाकर सीनियर टीम के दरवाजे पर दस्तक दे दी थी। उन्होंने बिहार की तरफ से अपना पहला मैच विजय हजारे ट्रॉफी एकदिवसीय टूर्नामेंट में जम्मू कश्मीर के खिलाफ सात अक्टूबर 2019 को जयपुर में खेला था।

इसके बाद वह बिहार की सीमित ओवरों की टीम के नियमित सदस्य रहे, लेकिन कोविड-19 के कारण रणजी ट्रॉफी का आयोजन नहीं होने से उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इस बीच, सकीबुल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स ने भी ट्रायल्स के लिए बुलाया था।

वह आईपीएल की नीलामी का हिस्सा नहीं थे, लेकिन रणजी ट्रॉफी में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के बाद अब निश्चित तौर पर फ्रेंचाइजी टीमों के जेहन में सकीबुल का नाम जरूर रहेगा। रिकॉर्ड के लिए बता दें कि सकीबुल से पहले अपने पदार्पण प्रथम श्रेणी मैच में सर्वाधिक स्कोर का रिकॉर्ड भारत के ही अजय रोहेरा के नाम पर था, जिन्होंने दिसंबर 2018 में मध्य प्रदेश की तरफ से हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 267 रन बनाए थे।

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