Ravindra Jadeja News: रवींद्र जडेजा ने कहा है, मेरे पिता ने स्क्रिप्टेड इंटरव्यू में रीवाबा जडेजा (Rivaba Jadeja) के बारे में बकवास बातें कही हैं। लंबे अरसे से रवींद्र जडेजा और उनके परिवार के बीच विवाद चल रहा है। जब रीवाबा जडेजा भाजपा (BJP) की विधायिका उम्मीदवार बनी थीं, तब जडेजा की बहन भी विधानसभा चुनाव में उनके खिलाफ कांग्रेस पार्टी (Congress Party) की तरफ से प्रचार कर रही थीं।
Ravindra Jadeja News: जडेजा के पिता ने इंटरव्यू मे क्या कहा?
रवींद्र जडेजा की मां के निधन के बाद परिवार से उनके रिश्ते खराब हो गए। इस बीच आज दिव्य भास्कर को दिए इंटरव्यू में रवींद्र जडेजा के पिता ने कहा है, मैं आपको सच बताऊं, मेरा रवि या उसकी पत्नी रीवाबा से किसी तरह का संबंध नहीं है। हम उन्हें नहीं बुलाते और वे हमें नहीं बुलाते।
Ravindra Jadeja News: जडेजा का शादी के बाद पारिवारिक विवाद
रवि की शादी के दो-तीन महीने बाद ही विवाद होने लगा था। फिलहाल मैं जामनगर (Jamnagar) में अकेला रहता हूं, रवींद्र अलग रहता है। पता नहीं पत्नी ने उस पर क्या जादू कर दिया है। मेरा तो बेटा है, दिल जलकर राख हो जाता है। उसकी शादी ना की होती तो अच्छा होता। उसे क्रिकेटर न बनाता तो अच्छा होता। हम इस हाल में नहीं होते।
Ravindra Jadeja News: जडेजा के पिता ने क्या कहा?
ये क्रिकेटर रवींद्र जडेजा के पिता अनिरुद्ध सिंह जडेजा (Anirudh Singh Jadeja) का बयान है। उन्होंने रवींद्र जडेजा और बहू रीवाबा के साथ अपने रिश्तों पर दिव्य भास्कर से बात की। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि शादी के बाद मेरी बहू मेरा होटल हड़पना चाहती थी। वह होटल जिसे मेरी बेटी चलती है।
मैं अपनी स्वर्गवासी पत्नी के 20 हजार के पेंशन के जरिए अपना गुजारा करता हूं। मैं दो कमरे के फ्लैट में रहता हूं, जिसमें एक कमरा रवींद्र जडेजा के लिए सुरक्षित है। उस कमरे में जडेजा के बचपन की सारी ट्रॉफी और जर्सी रखी गई है।
Ravindra Jadeja News: जडेजा ने सारी बातों को बकवास बताया
रवींद्र जडेजा ने गुजराती (Gujrati) में लिखा, अभी दिव्य भास्कर (Divya Bhaskar ) मे छपे बकवास इंटरव्यू में कहीं गई हर बात गलत और अर्थहीन है। सिर्फ एक ही पक्ष की बात बताई गई है, जिसका मैं खंडन करता हूं। मेरी धर्मपत्नी की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। जो बहुत ही निंदनीय और अशोभनीय है। मेरे पास भी कहने के लिए बहुत कुछ है, जो मैं सार्वजनिक तौर पर ना कहूं, तब तक ही अच्छा है, आभार।
