अक्टूबर 2018 में, उन्हें वेस्ट इंडीज में 2018 आईसीसी महिला विश्व ट्वेंटी20 टूर्नामेंट के लिए भारत की टीम में नामित किया गया था। हालाँकि, एक अभ्यास मैच के दौरान उन्हें चोट लग गई और बाद में उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया। जनवरी 2020 में, उन्हें ऑस्ट्रेलिया में 2020 आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के लिए भारत की टीम में नामित किया गया था।
मई 2021 में, उन्हें इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ एकमात्र मैच के लिए भारत की टेस्ट टीम में नामित किया गया था। वस्त्राकर ने 16 जून 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। जनवरी 2022 में, उन्हें न्यूजीलैंड में 2022 महिला क्रिकेट विश्व कप के लिए भारत की टीम में नामित किया गया था।
उन्होंने टूर्नामेंट में 26.00 की औसत से 156 रन बनाए और 18.30 की औसत से 10 विकेट लिए। जुलाई 2022 में, उन्हें इंग्लैंड के बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए भारत की टीम में नामित किया गया था। उन्हें 2024 आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में नामित किया गया था।

Pooja Vastrakar की टीमें
ब्रिस्बेन हीट महिला
भारत हरित महिला
भारत महिला
मध्य प्रदेश महिला
मुंबई इंडियंस महिला
सुपरनोवास
Pooja Vastrakar के बॉलिंग कैरियर आँकड़े
| प्रारूप | मैच | पारी | गेंद | रन | विकेट | बेस्ट | औसत | इकोनोमी | स्ट्राइक | 4 विकेट |
| टेस्ट | 5 | 9 | 634 | 337 | 15 | 4/53 | 22.46 | 3.18 | 42.2 | 1 |
| वन डे | 33 | 31 | 1158 | 1075 | 27 | 4/34 | 39.81 | 5.56 | 42.8 | 1 |
| टी 20 | 72 | 66 | 1166 | 1242 | 58 | 4/13 | 21.41 | 6.39 | 20.1 | 2 |
Pooja Vastrakar के बैटिंग कैरियर आँकड़े
| प्रारूप | मैच | पारी | नॉट | रन | बेस्ट | औसत | गेंद | स्ट्राइक | शतक | फिफ्टी | चौके | छक्के |
| टेस्ट | 5 | 6 | 2 | 111 | 47 | 27.75 | 314 | 35.35 | 0 | 0 | 20 | 0 |
| वन डे | 33 | 28 | 5 | 585 | 67 | 25.43 | 672 | 87.05 | 0 | 4 | 51 | 11 |
| टी20 | 72 | 43 | 19 | 332 | 37* | 13.83 | 290 | 114.48 | 0 | 0 | 34 | 5 |
Pooja Vastrakar डब्ल्यूपीएल बॉलिंग आँकड़े
| टीम | मैच | पारी | गेंद | रन | विकेट | बेस्ट | औसत | इकोनोमी | स्ट्राइक |
| एमआई- | 16 | 12 | 171 | 202 | 7 | 2/14 | 28.85 | 7.08 | 24.4 |
Pooja Vastrakar महिला बिग बैश लीग बॉलिंग आँकड़े
| टीम | मैच | पारी | गेंद | रन | विकेट | बेस्ट | औसत | इकोनोमी | स्ट्राइक |
| बीएच | 7 | 7 | 114 | 155 | 2 | 1/20 | 77.50 | 8.15 | 57.0 |
Pooja Vastrakar डब्ल्यूपीएल बैटिंग आँकड़े
| टीम | मैच | पारी | नॉट | रन | बेस्ट | औसत | गेंद | स्ट्राइक | शतक | फिफ्टी | चौके | छक्के |
| एमआई | 16 | 11 | 2 | 126 | 26 | 14.00 | 108 | 116.66 | 0 | 0 | 11 | 3 |
Pooja Vastrakar महिला बिग बैश लीग बैटिंग आँकड़े
| टीम | मैच | पारी | नॉट | रन | बेस्ट | औसत | गेंद | स्ट्राइक | शतक | फिफ्टी | चौके | छक्के |
| बीएच- | 7 | 4 | 2 | 32 | 13* | 16.00 | 18 | 177.77 | 0 | 0 | 4 | 1 |
Pooja Vastrakar के हालिया मैच
IND महिला बनाम AUS महिला 9 1/22 13-अक्टूबर-2024 शारजाह WT20I
भारत महिला बनाम न्यूजीलैंड महिला 8 0/9 04-अक्टूबर-2024 दुबई (डीआईसीएस) WT20I
आईएनडी महिला बनाम एसए महिला 2 0/19 01-अक्टूबर-2024 आईसीसीए दुबई अन्य20
IND महिला बनाम WI महिला 9 3/20 29-सितंबर-2024 आईसीसीए 2 दुबई अन्य20
आईएनडी महिला बनाम एसएल महिला 5* 0/29 28-जुलाई-2024 दांबुला टी20आई
Pooja Vastrakar का डेब्यू/आखिरी मैच
टेस्ट मैच
पदार्पण इंग्लैंड महिला बनाम भारत महिला, ब्रिस्टल – 16 – 19 जून, 2021
अंतिम IND महिला बनाम SA महिला, चेन्नई – 28 जून – 01 जुलाई, 2024
महिला वनडे मैच
पदार्पण पोटचेफस्ट्रूम में IND महिला बनाम SA महिला – 10 फरवरी, 2018
अंतिम दक्षिण अफ्रीका महिला बनाम भारत महिला, बेंगलुरु – 23 जून, 2024
टी20ई मैच
पदार्पण एसए महिला बनाम भारत महिला, पोटचेफस्ट्रूम – 13 फरवरी, 2018
अंतिम AUS महिला बनाम IND महिला, शारजाह – 13 अक्टूबर, 2024
Pooja Vastrakar एक भारतीय क्रिकेटर हैं वह मध्य प्रदेश और मध्य क्षेत्र के लिए खेलती हैं। पूजा वस्त्राकर का जन्म 25 सितंबर, 1999 को मध्य प्रदेश के शहडोल में हुआ था, वह दाएं हाथ की मध्यम-तेज़ गेंदबाज़ और दाएं हाथ की बल्लेबाज़ हैं। पूजा वस्त्राकर ने साल 2018 में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।
Pooja Vastrakar के बारे में कुछ और खास बातें:
पूजा ने चार साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था।
पूजा ने अपने गृह नगर शहडोल में लड़कों के साथ खेलकर क्रिकेट की शुरुआत की थी।
पूजा के पिता बीएसएनएल में काम करते थे और वह कैरम के अच्छे खिलाड़ी थे।
पूजा ने स्कूल के समय में क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के लिए अपनी फ़ीस माफ़ करवाई थी।
पूजा ने आशुतोष श्रीवास्तव से ट्रेनिंग ली थी।
पूजा को भारतीय टीम में बाबू भाई के नाम से जाना जाता है।
पूजा को घुटने में चोट लगने की वजह से करीब एक साल तक मैदान से बाहर रहना पड़ा था।
Pooja Vastrakar बोलीं- अकेलेपन से बचने के लिए बॉय कट कराया

भारतीय महिला टीम की ऑलराउंडर Pooja Vastrakar से मीडिया ने बातचीत की है। पूजा ने इस दौरान भारतीय सोसाइटी में जेंडर इक्वालिटी को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने बताया कि बचपन में अकेलेपन से बचने के लिए बॉय कट बाल कटाए थे। उनसे लड़के बात तक नहीं करते थे।
मध्यप्रदेश के शहडोल की रहने वाली पूजा के पिता बंधनराम वस्त्राकर BSNL में क्लर्क थे। अब रिटायर्ड हो चुके हैं। वह कैरम के अच्छे खिलाड़ी रहे हैं और डिपार्टमेंटल टूर्नामेंट में चैंपियन भी रह चुके हैं। उनकी मां गृहिणी हैं। घर में 5 बहन 2 भाई हैं।
Pooja Vastrakar से सवाल: इंग्लैंड के लिए क्या तैयारी की है?
जवाब : पिछले कुछ साल के मैच एनालिसिस के बाद हमने पाया है कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की खिलाड़ी फिटनेस में हमसे बेहतर हैं, जबकि हम स्किलवाइज अच्छे हैं। वे भागकर ज्यादा रन रोकती हैं या फिर दौड़ती हैं। उनके थ्रो बड़े और तेज होते हैं। इस बार हमने ट्रेनिंग सेशन में इसी (थ्रो, रनिंग टेक्नीक) पर काम किया है। सभी ने फिटनेस लेवल बेहतर किया है। अलग से सेशन लगे हैं। उम्मीद है कि फील्डिंग लेवल में भी बदलाव दिखेगा। हमें पैड पहनाकर दौड़ाते थे।
Pooja Vastrakar से सवाल : आपका शुरुआती स्ट्रगल कैसा रहा, आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
जवाब : एक टाइम ऐसा था कि मेरे पास जूते खरीदने के पैसे नहीं होते थे। घर की माली हालत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं पापा से पैसे नहीं मांग सकती थी। 13 साल की उम्र में मैं पहली बार मध्यप्रदेश टीम के लिए खेली। तब मैंने खेलने से मिले पैसे से जूते खरीदे थे।
सवाल : IPL के तर्ज पर अब महिलाओं का टूर्नामेंट शुरू होने वाला है, इससे महिला क्रिकेट को कितना फायदा होगा? जवाब: यह बहुत बदलाव लाएगा, क्योंकि इंडिया में घरेलू और इंटरनेशनल क्रिकेट के बीच बहुत बड़ा गैप है। मैं समझती हूं कि इससे यह गैप कम होगा। विदेशी खिलाड़ियों के आने से इसका स्तर भी और बढ़ेगा।
सवाल: आपका लुक (बॉय कट) हमेशा चर्चा में रहा है, इसके पीछे क्या वजह है?
जवाब: जब क्रिकेट खेलना शुरू किया तब मेरे बॉय कट नहीं थे। तब मेरे बाल लंबे थे, लेकिन जब सर ग्रुप बांटते थे तो मेरे ग्रुप के लड़के मेरे साथ नहीं खेलना चाहते थे। वे मुझसे बहुत दूर भागते थे। वह मुझे अच्छा नहीं लगता था। वहां कोई दूसरी लड़की नहीं थी। मैं काफी अकेला फील करती थी। इसलिए मैंने ब्वॉय कट करवाया था और नया लुक आया, लेकिन अब बहुत अच्छा माहौल है।
सवाल: आपने कहा कि हमारे घरों में बचपन से ही लड़का-लड़की वाला माहौल होता है, इसको लेकर क्या कहेंगी? जवाब: मैं यही कहूंगी कि प्रोफेशनल लाइफ में लड़का-लड़की का कोई मतलब नहीं है। चाहे बात स्पोर्ट्स की हो या पढ़ाई की। सब में समान व्यवहार होना चाहिए। घर में भी यदि कोई टेलेंटेड है तो उसके टेलेंट का सम्मान करो और उसे सपोर्ट करो।
अपने घर में ही देख लें कि यदि लड़का अच्छा खेलता है तो पेरेंट्स कहते हैं कि जा बेटा तू खेल और लड़कियों को कहते हैं कि नहीं, पढ़ाई में ध्यान दे घर के काम में ध्यान दो। ये गलत है उसका जेंडर को देखकर ये मत कहें कि बेटी है तो पढ़ और बेटा है तो खेल।
Pooja Vastrakar मुंबई इंडियंस में मिले करोड़ों रुपये का क्या करेंगी
महिला आईपीएल ऑक्शन में मध्य प्रदेश की पूजा वस्त्राकर को मुंबई इंडियंस ने अपनी टीम में शामिल किया है. आइए हम आपको गली क्रिकेट से इस मुकाम तक पहुंचने वाली पूजा की कहानी बताते हैं।
Pooja Vastrakar को महिला आईपीएल ऑक्शन में मुंबई इंडियंस ने 1.90 करोड़ रुपये में खरीदा है. इस पर पूजा वस्त्राकर के पिता ने कहा कि, मैं उससे कहूंगा कि सभी पैसों को फिक्स डिपोजिट करवा दे। पूजा वस्त्राकर के पिता बंधन राम वस्त्राकर ने कहा कि टी20 वर्ल्ड कप में जाने से पहले पूजा ने उन्हें 15 लाख की एक गाड़ी खरीदकर दी थी, जिससे वो बिल्कुल खुश नहीं थे।
पूजा के पिता ने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा कि, “वह बहुत पैसे बर्बाद करती है, मैं चाहता हूं कि वो ये सारे पैसे का एफडी करा ले.” पूजा के पिता ने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी कभी भारत के लिए क्रिकेट खेलेगी और एक दिन उसे क्रिकेट की वजह से इतने पैसे मिलेंगे. बंधन राम ने कहा कि, “वह 4 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रही है. मुझे कभी नहीं लगा था कि वह एक दिन भारत के लिए क्रिकेट खेलेगी, लेकिन वह हमेशा यह बात जानती थी.”
Pooja Vastrakar का गली से ऑक्शन तक का सफर

पूजा के पिता ने बताया कि, “पूजा जब भी क्रिकेट के लिए पैसे मांगती थी, तो मैं उसे चिढ़ाता था कि वो क्यों क्रिकेट में अपना टाइम बर्बाद कर रही है. वह हमेशा कहती थी कि, आप देखना, इंडिया खेलूंगी.” पूजा के पिता चाहते हैं कि उनकी बेटी भारत को साउथ अफ्रीका में टी20 वर्ल्ड कप जिताकर आए. उन्होंने कहा कि, मुझे उम्मीद है वह एक दिन भारत को वर्ल्ड कप जिताने में मदद करेगी. उसने चोट से वापसी की है और उम्मीद है कि अब वह फिट रहेगी।
Pooja Vastrakar की बड़ी बहन ऊषा ने कहा कि, “8-9 साल तक वह गली में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थी, फिर आशुतोष सर ने उन्हें मैदान पर खेलते हुए देखा और हमारे घर आए. पापा को बोला कि उन्हें एकेडमी ज्वाइन करने दे. एक साल बाद जब हमारी मां की मौत हुई तो पूजा ने एकेडमी जाना छोड़ दिया. मुझे पता चला और मैं उसे घसीटते हुए एकेडमी ले गई. उसके बाद से उसने आजतक एक भी प्रैक्टिस सेशन नहीं छोड़ा. हमें उसकी उपलब्धियों पर काफी गर्व है.”
Pooja Vastrakar बोलीं- माहौल घर जैसा:वहां सबके साथ डिनर जरूरी
पहली विमेंस प्रीमियर लीग जीतने वाली मुंबई इंडियंस की तेज गेंदबाज Pooja Vastrakar का मानना है कि WPL के आने के बाद भारतीय टीम वर्ल्ड कप की ट्रॉफी से ज्यादा दूर नहीं है, क्योंकि इस लीग के आने से हमारी दवाब में बिखरने और कम अनुभव जैसी समस्याओं से निजात पा लेगी।
मुंबई इंडियंस के माहौल के सवाल पर वे कहती हैं कि मुंबई इंडियंस का माहौल परिवार जैसा है, वहां सब एक साथ डिनर करते हैं और खूब फन करते हैं। कई बार नीता अंबानी भी खिलाड़ियों के साथ डांस करने लगती थीं।
Pooja Vastrakar से मिले सवालों के जवाब…
सवाल : MI पहली चैंपियन बनीं हैं। पहला सीजन क्या सिखा कर गया?
वस्त्राकर : विदेशी खिलाड़ियों का वे ऑफ ट्रेनिंग मैथड़…वे खुद को बड़े मैचों के लिए कैसे प्रिपेयर करती हैं। बैक टु बैक गेम के दौरान जब रिकवरी का टाइम कम होता है, तो वे खुद को कैसे तैयार करती हैं। विदेशी कोचों की कोचिंग का तरीका भी, क्योंकि अभी तक भारतीय टीम के साथ देसी कोच ही रहते है और उनकी ट्रेनिंग का पहले से सेट मैथड होता था।
सवाल: बड़े मैचों के दवाब में भारतीय टीम बिखर जाती है। WPL में भी कुछ हाई प्रेशर मैच हुए। क्या कुछ फायदा होगा?
वस्त्राकर : बेशक, ऐसी सिचुएशन में हमारी सेट बैटर मैच फिनिश नहीं कर पाती थी और उनके आउट होते ही टीम बिखर जाती थी। मुंबई में नेटली सीवर ने फिनिशर का रोल बसूबी निभाया। सेट बैटर के लिए गेम फिनिश करना आसान होता है, क्योंकि वह अधिकांश बॉलर्स को खेल चुका होता है और उसे पता होता है कि आखिरी ओवर्स में किसे कब टारगेट करना है।
सवाल: IPL आने के बाद टी-20 में भारतीय टीम का स्वरूप बदल गया था। क्या WPL के बाद विमेंस टीम का भी चेहरा बदलने वाला है?
जवाब : बिल्कुल, इस लीग में बाउंड्रीज की संख्या बढ़ी है। स्कोर भी बड़े बने हैं। अभी 170-200 का स्कोर एवरेज था। कुल मिलाकर टैलेंट दिख रहा है, लड़कियों के प्रयास TV पर दिख रहे हैं, आप किसी भी क्षेत्र में देख लीजिए बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग यही प्रयास गेम को ऊपर लेकर जाते हैं।
इस लीग के आने के बाद मैं कह सकती हूं कि हम वर्ल्ड कप ट्रॉफी से ज्यादा दूर नहीं। पिछले वर्ल्ड कप में हम ऑस्ट्रेलिया से बहुत क्लोज हारे हैं। अब हम आखिरी तक फाइट कर रहे हैं। उनके पास अनुभवी खिलाड़ी हैं, लीग से हमारा भी अनुभव बढ़ेगा।
सवाल: 7 मैच खेले हैं, 3 में इंजर्ड रहीं। बॉलिंग भी कम मिली। टी-20 वर्ल्ड कप के मैच भी भी मिस किए थे। क्या इंजरी थी?
वस्त्राकर : दिल्ली के खिलाफ मुझे पहली ही बॉल पर साइड स्ट्रेन हो गया था, जो MRI में ग्रेड-1 टियर आया था। आमतौर पर गेंदबाज को उससे उबरने में 2 महीने लगते हैं। ऐसे में फ्रेंचाइजी ने तय किया था कि मैं बतौर बल्लेबाज खेलूं, क्योंकि बैटिंग में डेप्थ कम थी और बेंच स्ट्रेंथ भी कमजोर थी।
मेरा वर्कलोड बहुत ज्यादा हो रहा था। उसे कम करने के लिए ओवर नहीं किए। पिछले 6 महीने में मैंने एशिया कप खेला, वर्ल्डकप भी। जहां तक वर्ल्ड कप की बात है तो मुझे सेमीफाइनल से पहले बुखार आ गया था।
सवाल: 71 रन ही बनाए। बैटिंग भी कम आई। बैटिंग लाइन अप स्ट्रॉन्ग था या आपको नंबर-6 पर भेजना प्लानिंग का हिस्सा?
वस्त्राकर: कह सकते हैं, क्योंकि लीग में 8वें नंबर की बल्लेबाज की एक बार ही बैटिंग आई है। हमने 200 पार का स्कोर भी बनाया। टॉप ऑर्डर में अनुभवी और अच्छी बल्लेबाज थीं। हमारी गेंदबाजी भी मजबूत थी। हमने विपक्षी टीमों को 3-4 बार ऑलआउट किया, वो भी 150 के आसपास। जिसे चेज करना मुंबई के फ्लैट ट्रैक पर आसान था।
सवाल: मुंबई ने लगातार 5 मैच जीते, फिर लगातार 2 मैच हारे। जीत और हार के बाद ड्रेसिंग रूम का क्या माहौल था?
वस्त्राकर: काफी पॉजिटिव माहौल था, क्योंकि हमें पता था कि हम प्लेऑफ में पहुंच चुके हैं। हम यूपी से हारे, उस दिन लोअर मिडिल ऑर्डर में मेरी भी कमी खली। ड्रेसिंग रूम में नीता मैम ने कहा था कि आप भूल जाओ कि उस 2 मैचों में कैसा खेले। उन 5 मैचों में कैसा खेले उसे याद रखो।
सवाल: जीत कैसे सेलिब्रेट की, ड्रेसिंग रूम का कैसा माहौल…कैसी फीलिंग थी?
वस्त्राकर: बहुत अच्छी फीलिंग थी, माहौल भी अच्छा था। सब खुश थे, क्योंकि पहला सीजन था और पहला टाइटल जीतना सबका सपना होता है कि सब चाहते हैं कि पहला संस्करण यादगार हो, जो हमारा रहा। हमने धमाकेदार शुरुआत की और फिनिश भी बहुत अच्छा हुआ।
हम खूब फन करते थे। जैसे ही मैच जीतते, तो हमारे अपने 3 प्लेयर ऑफ द मैच होते थे। जिन्हें बैच मिलता था। ये बैच उसे नहीं देते थे, जिसे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच मिला हो। यह दूसरी खिलाड़ियों को दिया जाता था, ताकि उनका मनोबल बढ़े। इन खिलाड़ियों को टीम रूम में टॉस्क भी दिए जाते थे कि किसी को गाना होता था, तो किसी को डांस करना होता था। स्पीच को देना होता था।
मुंबई इंडियंस का ऐसा ही पारिवारिक माहौल है, परिवार बनाने का। उदाहरण के तौर पर अन्य टीमों में अलग-अलग डिनर करने का कल्चर है, लेकिन मुंबई इंडियंस में एक साथ डिनर करना जरूरी है। सभी टीम 8 से 9 बजे के बीच रूम में एक साथ डिनर करते थे। जिसे जो खाना है, वह ऑडर कर सकता था। MI ऑफ द फील्ड बाउंडिंग पर भी फोकस करती है, जबकि अन्य टीमों में ऐसा नहीं हैं। नीता मैम भी खूब फन करती थी, कई बार तो खुद डांस करती थीं या किसी खिलाड़ी से मजाक करने लगती थी।
सवाल: 1.9 करोड़ रुपए की सेल प्राइज और इनामी राशि, इतने पैसे आने के बाद लाइफ स्टाइल कितनी बदली? वस्त्राकर: ज्यादा नहीं, मैं सिंपल ही रहना पसंद करती हूं। ज्यादा सपने नहीं हैं कि बड़ा घर हो या बड़ी कार हो।
सवाल: इन पैसों को कहां खर्च करेंगी, घर खरीदेंगी या कुछ और ?
वस्त्राकर: घर तो नहीं, अपने क्षेत्र में इनडोर विमेंस क्रिकेट अकादमी खोलने का प्लान है, क्योंकि मैं जहां से आती हूं, वह आदिवासी क्षेत्र है। वहां से किसी लड़की का निकलना ही बहुत बड़ी बात होती है, ऐसे में मैं विमेंस को प्रमोट करना चाहती हूं। मेरी अकादमी में सभी लड़कियों को फ्री ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि वे वहां रहकर पढ़ सकें-लिख सके और अपने पैरेंट्स और उस आदिवासी क्षेत्र का नाम रोशन कर सके।
सवाल: WPL के बाद जुलाई में द हंड्रेंड टूर्नामेंट है। लंबे समय तक इंटरनेशनल क्रिकेट भी नहीं है। इस बीच 3 महीनों में आपकी क्या प्लानिंग है।
वस्त्राकर: द हंड्रेड के लिए आवेदन नहीं किया। मैंने WPL खेल लिया है। अब मुझे विदेशी लीग नहीं खेलनी हैं। अब हमारे भी मैच बढ़ गए हैं। WPL आ गया है तो सोचती हूं कि बॉडी को थोड़ा आराम दूं। रिकवरी भी बहुत जरूरी है। अपनी हेल्थ और फिटनेस पर ध्यान दूं।

