चोपड़ा संभवतः महिला प्रीमियर लीग (WPL) की पहले सीजन की आगामी खिलाड़ी नीलामी में शीर्ष चयनों में से एक हो सकती हैं.
Parshavi Chopra Cricketer भारत की नई सनसनी, 16 की उम्र में श्रीलंका को नचा दिया

अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप में 16 साल की भारतीय स्पिनर Parshavi Chopra Cricketer ने अपनी फिरकी से सनसनी मचा दी है। पार्शवी ने श्रीलंका के खिलाफ शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सिर्फ पांच रन देकर 4 विकेट अपने नाम कर लिए। उनकी इस दमदार गेंदबाजी के कारण ही टीम इंडिया ने 7 विकेट से मैच को जीत लिया।
साउथ अफ्रीका में खेले जा रहे अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 7 विकेट से रौंद दिया। मैच में श्रीलंकाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर सिर्फ 59 रन बनाकर सिमट गई। इसके जवाब में टीम इंडिया ने तीन विकेट खोकर 7.2 ओवर में ही लक्ष्य को हासिल कर लिया। भारतीय बल्लेबाजों के सामने एक आसान लक्ष्य था लेकिन श्रीलंका के साथ असली खेल तो टीम इंडिया के गेंदबाजों ने किया।
खास तौर से टीम इंडिया की नई सनसनी Parshavi Chopra Cricketer ने तो कमाल ही कर दिया। महज 16 साल की इस भारतीय स्पिनर अपनी फिरकी का ऐसा जादू चलाया कि श्रीलंकाई टीम को इन्होंने अपने इशारे पर नचा दिया। मैच में पार्शवी ने टीम के लिए चार ओवर का स्पेल किया। इस दौरान बल्लेबाज रन बनाने के लिए तरस गए।
अपने चार ओवर में पार्शवी ने सिर्फ 5 रन खर्च किए जिसमें एक रन वाइड का भी शामिल है जबकि उनके खाते में कुल 4 विकेट भी आए। यही कारण है कि टीम इंडिया ने श्रीलंकाई खेमे को सिर्फ 59 रन के स्कोर पर रोक कर अपने लिए जीत की राह को आसान बना लिया।
Parshavi Chopra Cricketer कौन हैं?
16 साल की Parshavi Chopra Cricketer मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हैं। हालांकि वह 10 साल की उम्र से ग्रेटर नोएडा में क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रही हैं। विश्व कप से पहले पार्शवी चोपड़ा को पिछले साल पांच टी20 मैचों की सीरीज के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ अंडर-19 में शामिल किया गया था।
पार्शवी ग्रेटर नोएडा में युवराज सिंह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्टूडेंट हैं। पार्शवी का जब विश्व कप की टीम में चयन हुआ था तो उन्हें बिल्कुल यकीन नहीं हुआ था। टीम में चयन के बाद पार्शवी ने कहा था कि, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतनी कम उम्र में भारत के लिए अंडर-19 में चुनी जाउंगी। मैंने जब बीसीसीआई के वेबसाइट पर टीम में अपना नाम देखा तो हैरान थी। इसके बाद से मुझे बधाई संदेश आने लगे थे। मैं टीम में चुने जाने के बाद काफी खुश थी।’
Parshavi Chopra Cricketer के साथ सौम्या तिवारी ने भी मचाया धमाल
मैच पहले तो Parshavi Chopra Cricketer ने अपनी गेंदबाजी से सनसनी मचाई थी। इसके बाद बल्लेबाजी में सौम्या तिवारी ने धमाकेदार बल्लेबाजी की। सौम्या ने 15 गेंद में 28 रनों की तेज तर्रार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पांच चौके भी लगाए। सौम्या के अलावा शेफाली वर्मा ने 10 गेंद में 15 रनों की पारी खेली जबकि श्वेता सहरावत ने 13 रनों की पारी खेली।
Parshavi Chopra Cricketer पिता के कहने पर बनी क्रिकेटर

भारतीय महिला टीम ने अंडर-19 महिला विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। इस जीत पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम नेताओं ने महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी है।
वहीं, बीसीसीआई सचिव जय शाह ने टीम इंडिया को 5 करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। भारत को चैंपियन बनाने में कप्तान शेफाली वर्मा, श्वेता सेहरवात के साथ लेग स्पिनर पार्श्वी चोपड़ा ने भी अहम भूमिका निभाई है। 16 वर्षीय पार्श्वी चोपड़ा की गेंद जब-जब सही टप्पे पर पड़ी तो बल्लेबाज के पास कोई जवाब नहीं था।
यहाँ पर हम आपको यह बता दें कि भारत ने इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर पहली आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप ट्रॉफी जीती है। भारत को चैंपियन बनाने में कप्तान शेफाली वर्मा, श्वेता सेहरवात के साथ लेग स्पिनर पार्श्वी चोपड़ा ने भी अहम भूमिका निभाई है। Parshavi Chopra Cricketer ने घूमती गेंदों से बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। 16 वर्षीय पार्श्वी चोपड़ा की गेंद जब-जब सही टप्पे पर पड़ी तो बल्लेबाज के पास कोई जवाब नहीं था।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने पार्श्वी चोपड़ा ने महिला विश्व कप के 6 मैचों में 10 विकेट लेते हुए शानदार गेंदबाजी की है। पार्श्वी ने दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर अपनी स्पिन गेंदबाजी का जलवा दिखाया है। ऐसे में समझ सकते हैं कि वह एशियाई पिचों पर कितनी खतरनाक साबित होंगी। पार्श्वी की गेंदबाजी की तरह ही उनके क्रिकेटर बनने की कहानी भी काफी धुमावदार है।
यहाँ पर हम आपको यह बता दें कि पार्श्वी के पिता, चाचा और दादा भी क्रिकेटर रहे थे। ऐसे में उनकी रगों में भी क्रिकेटर खून में था, लेकिन उनका स्कूल के दिनों में मन स्केटिंग में अधिक लगता था। यूं कह सकते हैं कि स्केटिंग ही उनका पहला प्यार था। पार्श्वी ने स्केटिंग में उत्तर प्रदेश के अंडर-14 टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल भी जीता, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि बेटी भी क्रिकेटर बने। पिता के कहने पर वह स्केटिंग छोड़ क्रिकेट में आ गईं।
Parshavi Chopra Cricketer ने चोटिल होने के बावजूद नहीं छोड़ा मैदान
Parshavi Chopra Cricketer ने पिता के कहने पर एक क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन की और क्रिकेट की बारीकियां सीखने लगीं। जहां उन्हें लेग स्पिन गेंदबाजी करना काफी रास आया और महज 13 साल की आयु में उत्तर प्रदेश के लिए पहला मैच खेला। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पहले मैच में फील्डिंग के दौरान वह चोटिल हो गईं थी। कोच ने कहा कि अगर वह फिट नहीं हैं तो आराम कर सकती हैं। पार्श्वी के होठों पर सूजन थी, लेकिन कुछ देर बाद ही वह मैदान में उतर आईं। उन्होंने असम के खिलाफ 3 विकेट झटके।
भारत की सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली पार्शवी परिवार की इकलौती बेटी थी, अंडर-19 आईसीसी टी-20 विश्व कप जीत का जश्न मना रही मां ने कहा
ऑलराउंडर और तीसरी पीढ़ी के क्रिकेटर पार्श्व चोपड़ा अंडर-19 आईसीसी टी-20 विश्व कप में टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।
महिला अंडर-19 क्रिकेटर पार्शवी चोपड़ा के घर पर जश्न का माहौल था। बुलंदशहर की पार्शवी ने छह मैचों में 11 विकेट लेकर टूर्नामेंट का समापन किया। वह भारतीय महिला टीम की ओर से सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ हैं। चोपड़ा परिवार ने जश्न मनाया और पटाखे फोड़े, क्योंकि अंडर-19 महिला टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार अंडर-19 टी20 विश्व कप ट्रॉफी जीती।
मीडिया से बात करते हुए, Parshavi Chopra Cricketer की माँ शीतल चोपड़ा ने कहा, “उसने पूरे चोपड़ा परिवार को गौरवान्वित किया है।” वह परिवार में इकलौती बेटी है, फिर भी उसने सबको पीछे छोड़ दिया। उम्मीदें तो बहुत थीं, लेकिन हमें खुशी है कि उसने दो विकेट लिए। उसकी माँ ने कहा, “भारत ने अच्छा खेला और क्षेत्ररक्षण भी बहुत अच्छा किया।”
पार्शवी के पिता गौरव चोपड़ा ने कहा, “यह हमारे देश के लिए एक ऐतिहासिक जीत है। हमें बहुत खुशी है कि हमारी लड़कियों की टीम ने पहला अंडर-19 टी-20 विश्व कप जीतकर हमें और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। मुझे खुशी है कि मेरी बेटी उस जीत का हिस्सा है। पार्शवी ने अच्छा प्रदर्शन किया। उसने हम सभी को गौरवान्वित किया है। टीम ने मैच में अच्छा क्षेत्ररक्षण किया।”
यह एक ऐतिहासिक जीत थी। महिला टीम ने पूरे देश को गौरवान्वित किया और मुझे खुशी है कि मेरी बेटी उस टीम और उसकी सफलता की कहानी का हिस्सा है:
Parshavi Chopra Cricketer के पिता गौरव चोपड़ा ने कहा-
तीसरी पीढ़ी के क्रिकेटर – क्रिकेट हमारे डीएनए में है। पार्श्वी के दादा जोनल के लिए खेलते थे, जबकि मैं और मेरे भाई, पार्श्वी के चाचा, क्लब क्रिकेट खेलते थे। पार्श्वी ने दो अलग-अलग क्रिकेट अकादमियाँ ज्वाइन की हैं ताकि वह रोज़ाना क्रिकेट का अभ्यास कर सके।
यह Parshavi Chopra Cricketer की सफलता की ओर पहला कदम है। उसे अभी लंबा रास्ता तय करना है। सीखने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं होती, लेकिन आज हमें गर्व महसूस हो रहा है कि हमारी बेटी दुनिया भर में जानी जाती है, उन्होंने कहा।
भारत ने दक्षिण अफ्रीका के पोटचेफस्ट्रूम में हुए टूर्नामेंट के फाइनल में इंग्लैंड को सात विकेट से हरा दिया। पार्श्व चोपड़ा ने इस मैच में चार ओवर गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 13 रन देकर दो विकेट लिए।
Parshavi Chopra Cricketer कैसे बनीं स्पिन की जादूगर

भारतीय टीम ने इंग्लैंड को हराकर अंडर-19 टी-20 वर्ल्ड कप 2023 का खिताब अपने नाम किया था। और इस जीत की हीरो रहीं थी पार्शवी चोपड़ा, जिन्होंने सेमीफाइनल में 3 और फाइनल में 2 विकेट झटके थे।
अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट में भारत की खिताबी जीत में अपनी अहम भूमिका निभाने वाली बुलंदशहर की हरफनमौला खिलाड़ी पार्शवी चोपड़ा कभी स्केटिंग की दीवानी थीं लेकिन अब क्रिकेट ही उनकी जिंदगी बन गई है।
भारत ने पहले महिला अंडर-19 टी-20 विश्व कप के फाइनल में रविवार को इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर खिताब पर कब्जा कर लिया। इस जीत में 16 वर्षीय लेग ब्रेक गेंदबाज पार्शवी ने चार ओवर में मात्र 13 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट लिए।
भारत की ऐतिहासिक जीत पर जहां देश भर में जश्न का माहौल है, वहीं बुलंदशहर के सिकंदराबाद में पार्शवी के पिता गौरव चोपड़ा के घर में भी खुशियां छाई हुई हैं। भारत की खिताबी जीत के बाद पार्शवी के पैतृक निवास सिकंदराबाद में ढोल की धुन पर उनके तमाम रिश्तेदारों ने जमकर नृत्य किया और मिठाइयां बांटी।
Parshavi Chopra Cricketer के पिता ने कहा, ‘पार्शवी बचपन से ही क्रिकेट मैच देखती थी। मगर शुरुआत में उसे स्केटिंग का जुनून था और वह इसमें काफी अच्छा कर रही थी लेकिन स्केटिंग से उसका मन अचानक हटकर क्रिकेट में लग गया। अब क्रिकेट ही उसकी जिंदगी बन चुका है।’
चोपड़ा ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि उनकी बेटी ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाली भारतीय टीम का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘हमने कभी पार्शवी की कोचिंग में कोई कमी नहीं होने दी। पार्शवी ने दो अकादमी जॉइन की हैं ताकि उसे रोजाना सीखने का मौका मिले। एक अकादमी हफ्ते में तीन से चार दिन ही चलती है।’
उन्होंने कहा कि पार्शवी ने सफलता की पहली सीढ़ी हासिल की है। अभी बहुत लंबा सफर है और सीखने की उम्र तो कभी खत्म नहीं होती है। पार्शवी की मां शीतल चोपड़ा ने बताया कि पार्शवी जब 10 साल की थी तब से खेल पर मेहनत कर रही है। वह जब 12 साल की थी तब उसने अपना पहला ट्रायल दिया था, लेकिन तब उसका चयन नहीं हो पाया था। उसके बाद 13 साल की उम्र में उसका चयन हुआ। वह अंडर-16 भी खेल चुकी है।
Parshavi Chopra Cricketer ने विश्व कप में किया कमाल
Parshavi Chopra Cricketer ने भारत के लिए अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप में कमाल किया। विपक्षी बल्लेबाजों के पास उनकी घूमती गेंदों का कोई जवाब नहीं था। 16 साल की पार्श्वी जल्द ही टीम इंडिया में शामिल हो सकती हैं।
अंडर-19 महिला विश्व कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है और चैंपियन बनी है। फाइनल में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को सात विकेट से हरा दिया। भारत के चैंपियन बनने में कप्तान शेफाली, उपकप्तान श्वेता सेहरवात के अलावा लेग स्पिनर पार्श्वी चोपड़ा का अहम योगदान रहा है।
पार्श्वी ने अपनी घूमती गेंदों से विपक्षी बल्लेबाजों को खासा परेशान किया है। 16 साल की पार्श्वी को अपनी गेंदबाजी में नियंत्रण लाने की आवश्यकता है, लेकिन जब उनकी गेंद सही टप्पे पर पड़ती है तो बल्लेबाज के पास उसका कोई जवाब नहीं होता।
महिला विश्व कप के छह मैच में 10 विकेट लेने वाली पार्श्वी टीम की सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में से एक हैं। दक्षिण अफ्रीका की पिचों में उन्होंने अपनी स्पिन का जलवा दिखाया है। ऐसे में समझा जा सकता है कि एशियाई पिचों पर वह कितनी खतरनाक हो सकती हैं।
Parshavi Chopra Cricketer के क्रिकेटर बनने की कहानी भी उनकी गेंदों की तरह काफी घुमावदार है। उनके पिता, दादा और चाचा भी क्रिकेटर रहे थे। ऐसे में क्रिकेट उनके खून में था, लेकिन स्कूल के दिनों में उनका मन स्केटिंग में ज्यादा लगता था। इसी खेल में उन्होंने उत्तर प्रदेश की अंडर-14 प्रतियोगिता में रजत पदक भी जीता, लेकिन पिता चाहते थे कि बेटी क्रिकेटर बने। ऐसे में पार्श्वी ने स्केटिंग छोड़ क्रिकेट में मन लगाया।
पिता के कहने पर पार्श्वी क्रिकेट एकेडमी के साथ जुड़ गईं और यह खेल सीखने लगीं। लेग स्पिन गेंदबाजी उन्हें भा गई और 13 साल की उम्र में उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए पहला मैच खेला। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पहले मैच में ही पार्श्वी फील्डिंग करते हुए चोटिल हो गईं।
कोच ने उनसे कहा कि अगर वह ठीक नहीं हैं तो बाहर बैठ सकती हैं। पार्श्वी के होठों पर चोट लगी थी और सूजन आ गई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही वह मैदान में थीं। उन्होंने असम के खिलाफ तीन विकेट लिए और अपनी छाप छोड़ी। मैच के बाद उन्होंने परिवार के लोगों को इस बारे में जानकारी दी।
पार्श्वी की इसी लगन का नतीजा है कि वह भारत की अंडर-19 टीम के लिए कमाल कर रही हैं। आने वाले समय में वह देश की मुख्य टीम के लिए भी खेल सकती हैं और महिला आईपीएल में भी उन पर बड़ी बोली लग सकती है।
इनका पूरा नाम पार्श्व गौरव चोपड़ा है इनका जन्म 10 मई, 2006, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश मे हुआ अभी इनकी उम्र करीब 19 वर्ष की है इनकी बल्लेबाजी शैली दाहिने हाथ के बल्लेबाज की है और इनकी गेंदबाजी शैली लेगब्रेक गेंदबाज की है। टीम मे इनके खेलने की प्रमुख भूमिका गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप मे है।
Parshavi Chopra Cricketer की टीमें
भारत महिला अंडर-19
यूपी वारियर्स महिला
Parshavi Chopra Cricketer के डब्ल्यूपीएल टी20 मे गेंदबाजी आँकड़े
| टीम | मैच | पारी | गेंद | रन | विकेट | बेस्ट | औसत | इकोनोमी | स्ट्राइक | 4विकेट |
| यूपीडब्ल्यू- | 4 | 4 | 72 | 98 | 3 | 2/29 | 32.66 | 8.16 | 24.0 | 0 |
Parshavi Chopra Cricketer के हालिया मैच
भारत-ए महिला बनाम बांग्लादेश-ए महिला एमएन — 0/20 21-जून-2023 मोंग कोक अन्य टी20
इंडियन-ए महिला बनाम हांगकांग महिला — 2/12 13-जून-2023 मोंग कोक अन्य टी20
यूपीडब्ल्यू महिला बनाम एमआई महिला 0* 1/25 24-मार्च-2023 डीवाई पाटिल डब्ल्यूटी20
यूपीडब्ल्यू महिला बनाम डीसी महिला — 0/9 21-मार्च-2023 ब्रेबोर्न डब्ल्यूटी20
यूपीडब्ल्यू महिला बनाम जीजी महिला — 2/29 20-मार्च-2023 ब्रेबोर्न डब्ल्यूटी20
Parshavi Chopra Cricketer के बारे मे जानकारी
पूरा नाम: पार्श्वी गौरव चोपड़ा
जन्म स्थान: बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश
जन्म: 10 मई, 2006
बल्लेबाजी: दाएँ हाथ से खेलने वाला
गेंदबाजी: दाएँ हाथ से खेलने वाला
भूमिका: ऑलराउंडर
पिता: गौरव चोपड़ा
माता: शीतल चोपड़ा
भाई: राघव चोपड़ा
राशि: वृषभ
शौक: यात्रा, व्यायाम
स्कूल: राम चोपड़ा का स्कूल
Conclusion
Parshavi Chopra Cricketer की कहानी यह दिखाती है कि अगर जुनून सच्चा हो और मेहनत लगातार की जाए, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। उन्होंने न सिर्फ अपनी प्रतिभा से भारत का नाम रोशन किया, बल्कि कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गईं। आने वाले वर्षों में उनसे और भी बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। भारतीय महिला क्रिकेट में परशवी एक नई ऊर्जा, नया जोश और एक सुनहरा भविष्य लेकर आई हैं।

