Kamlesh Nagarkoti का जन्म 28 दिसंबर 1999 को हुआ है वह एक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है। इन्होंने 26 फरवरी 2017 को 2016-17 की विजय हज़ारे ट्राफी मे राजस्थान की तरफ से अपनी लिस्ट “ए“ क्रिकेट की शुरुआत की थी। इसके दो दिन बाद, इन्होंने पहली बार राजस्थान के लिए लिस्ट ए क्रिकेट में हैट्रिक भी ली थी, यह हैट्रिक उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में गुजरात के खिलाफ ली हैं।
Kamlesh Nagarkoti के करिअर की शुरुआत

भारतीय क्रिकेट को दुनियाँ में कितनी भी समृद्धशाली मानी जाती हो, लेकिन भारतीय टीम में सदेव से हमेशा अच्छे फास्ट बॉलर की कमी रही है। जिसे कोई झुठला भी नहीं सकता।इस कारण राजस्थान के Kamlesh Nagarkoti की इंपोर्टेन्स बहुत बढ़ चुकी है, वे 145 किमी/घंटा की स्पीड से ज्यादा आसानी से बॉलिंग कर सकते है।एक तरह कमलेश की यह काबिलियत, उन्हें कोयले की खदान निकला हीरा साबित कर रहा है। जिसके कारण उन्हें IPL में रिकॉर्ड तोड़ कीमत मिले।
शुरुआत में कमलेश जयपुर की गलियों में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करते है, जिस पर संस्कार क्रिकेट अकादेमी के कोच सुरेन्द्र राठोर की नजर उन पर पड़ी। वे उसके परिवार वालों से मिले और इस बारे में बताया।इनका परिवार कमलेश को क्रिकेट खिलाने के लिए राजी हो गया,इसके बाद उसके पूरे परिवार वालों ने उसका सपोर्ट भी किया। इस समय कमलेश की उम्र मात्र 12 साल के थे और वो 7वीं क्लास में पढ़ते थे। फिर यही से उनकी गेंदबाजी की ट्रेनिंग लेने की शुरुआत हुई।
इनकी मिडल क्लास की फैमिली थी, जिसके कारण कई बार उन्हे आर्थिक मुसीबत भी आई, जैसे एक बार वे संस्कार वैली स्कूल में पढ़ना चाहते थे, लेकिन इनकी फैमिली के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे उस स्कूल की फीस चुका सके। तब कोच और स्कूल टीचर ने इनकी मदद की और वे उस स्कूल में पढ़ सके। वे पहले बाड़मेर से खेलना स्टार्ट किए, धीरे-धीरे उनकी बॉलिंग अच्छी होती गई।
Kamlesh Nagarkoti का करिअर
Kamlesh Nagarkoti की इस प्रतिभा के कारण उन्हे जल्द ही राजस्थान रणजी टीम मे जगह मिल गई। वहां इन्होंने खेलते हुए पहली बार मे ही विकेटों की हैट्रिक को लिया। इस तरह से राजस्थान की तरफ से लिस्ट ए में हैट्रिक लेने वाले वह पहले गेंदबाज बन गए। इन्होंने यह डेब्यु 26 फरवरी 2017 को मुंबई के खिलाफ चेन्नई में किया था।
इतने अच्छे प्रदर्शन का कमलेश को जल्दी ही अच्छा फल मिल गया जब इन्हें पृथ्वी शॉ के साथ न्यूजीलेन्ड में आयोजित अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए अंडर-19 टीम इंडिया में शामिल किया गया।
वहाँ इन्होंने अपनी तूफानी गेंदबाजों से विरोधी टीमों की धज्जिया उड़ा दिये। उन पर भारतीय दिग्गजों की नजर उस समय पड़ी, जब उन्होंने अपनी तेज गति की रफ्तार से वे पेस खेलने वाले अंडर-19 ऑस्ट्रेलिया टीम को अपनी रफ्तार से चौका दिया। इस मैच में कमलेश ने 29 रन देकर 3 विकेट लिये। तब इनके अच्छे प्रदर्शन खासकर उनके गेंद की रफ्तार की प्रशंसा वीरेंद्र सेहवाग, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने की। कमलेश ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में 10 मैच खेले है, जिसमें 16 विकेट ले चुके है। कमलेश बॉलिंग के साथ बैटिंग में भी अच्छे है।
Kamlesh Nagarkoti का आईपीएल करिअर

भारत में फास्ट बॉलर की शुरू से कमी रही है, इसलिए कमलेश की महत्व ऐसी ही डबल हो चुकी है। इसलिए आईपीएल में उन्हें ज्यादा प्राइस मिलने के पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे और वही हुआ। केकेआर ने उन्हें 3.2 करोड़ में खरीदा, जबकि उनका बेसप्राइस मात्र 20 लाख था। इस तरह मात्र 18 साल की उम्र में आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए।
कमलेश का जन्म एक मध्यमवर्गीय कुमाउनी राजपूत परिवार में एक सैन्य पृष्ठभूमि के साथ हुआ था।उनकी गेंदबाजी प्रतिभा को पहली बार सुरेंद्र राठौर ने 8 साल की उम्र में जयपुर के छावनी क्षेत्र में देखा था। उन्होंने कमलेश को बड़ों की तुलना में तेजी से गेंदबाजी करते देखा, जिसके बाद उन्होंने जयपुर में अपनी अकादमी में दाखिला लेने के लिए समय नहीं निकाला, जहां नागरकोटी ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में मात दी। उन्होंने U14, U16 और U19 स्तरों पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।
फरवरी 2017 में, उन्होंने चेन्नई में मुंबई के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी ए-लिस्ट (घरेलू ODI) की शुरुआत की, जहां वह 21 रन पर अपराजित थे और एक विकेट भी लिया।राहुल द्रविड़ कच्ची गति से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उनकी देखरेख की और उन्हें एशियाई कप के लिए अंडर -23 टीम में शामिल किया।2018 की शुरुआत में, उन्हें IPL टीम ‘मुंबई इंडियंस’ द्वारा टेस्ट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उस समय उन्होंने कोई रणजी ट्रॉफी मैच नहीं खेला था, इसलिए वे IPL अनुबंध के लिए पात्र नहीं थे।
उन्होंने भारत की तरफ से अंडर -19 Vs ऑस्ट्रेलिया अंडर -19 मैच के दौरान उनकी रफ्तार को जिस किसी भी दर्शक ने देखा तो उसकी नजर फटी की फटी रह गई उस मैच मे उसने 3 विकेट लिए और 149kph की शीर्ष गति के साथ 145kph से अधिक की स्थिर गति से गेंदबाजी की।
भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के बारे मे और अधिक जानने के लिए यह भी पढ़े:- #1. सूर्यकुमार यादव #2. दिनेश कार्तिक #3. हार्दिक हिमांशु पांड्या (उपनाम- हैरी) #4. सचिन तेंदुलकर #5. माही-महेंद्र सिंह धोनी #6. इशांत शर्मा #7. उमेश यादव #8. भुवनेश्वर कुमार #9. जसप्रीत बुमराह #10. राहुल द्रविड़
Conclusion
भारतीय क्रिकेट को दुनियाँ में कितनी भी समृद्धशाली मानी जाती हो, लेकिन भारतीय टीम में सदेव से हमेशा अच्छे फास्ट बॉलर की कमी रही है। जिसे कोई झुठला भी नहीं सकता।इस कारण राजस्थान के Kamlesh Nagarkoti की इंपोर्टेन्स बहुत बढ़ चुकी है, वे 145 किमी/घंटा की स्पीड से ज्यादा आसानी से बॉलिंग कर सकते है।एक तरह कमलेश की यह काबिलियत, उन्हें कोयले की खदान निकला हीरा साबित कर रहा है। जिसके कारण उन्हें IPL में रिकॉर्ड तोड़ कीमत मिले। जिसकेबाद उन्होंने जयपुर में अपनी अकादमी में दाखिला लेने के लिए समय नहीं निकाला, जहां नागरकोटी ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में मात दी।उन्होंने U14, U16 और U19 स्तरों पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।
आपका साथ हमारे साथ
हमे पूर्ण विश्वास है की आपको यह लेख पसंद जरूर आएगा पसंद आने पर इसे शेयर करना ना भूले दोस्तों परिवार रिस्तेदारों को शेयर जरूर करे। ताकि और भी क्रिकेट के प्रेमियों को क्रिकेट की जानकारी मिलती रहे। क्रिकेट की तमाम रोचक जानकारी के लिए पढ़ते रहिए cricketwisdom.in

