Harvansh Pangalia, Biography in Hindi, Domestic Career, IPL, Wife, Net worth, ट्रक ड्राइवर के बेटे हरवंश सिंह ने भारत अंडर-19 के लिए 9वें नंबर पर 9 छक्कों के सहारे शतक जमाते हुए इंग्लिश गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं

Harvansh Pangalia गुजरात के कच्छ के रण स्थित गांधीधाम कस्बे से हैं। उनका परिवार वर्तमान में कनाडा में बसा हुआ है, जहाँ उनके पिता ब्रैम्पटन में ट्रक चलाते हैं।

इंग्लैंड में नौवें क्रम पर आकर शतक जमाते हुए हरवंश सिंह पंगालिया रातोंरात स्टार बन गए हैं. हर कोई उनके बारे में जानना चाहते हैं. अगर आपका भी युवा स्टार में दिलचस्पी है तो हम उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें लेकर आए हैं।  

हरवंश का जन्म तीन नवंबर साल 2006 में हुआ था. उनकी मौजूदा उम्र 18 साल और 234 दिन है. हरवंश दाहिने हाथ के एक विकेटकीपर बल्लेबाज हैं. इंटरनेशनल लेवल पर उन्हें जलवा बिखरने का मौका नहीं मिला है।

हालांकि, घरेलू क्रिकेट में वह इंडिया अंडर-19 और सौराष्ट्र अंडर-19 की तरफ से शिरकत कर रहे हैं. हरवंश के बल्ले से इंग्लैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ भी शतक निकल चुका है. यहां उन्होंने 117 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी।

खबर लिखे जाने तक उन्होंने आठ अंडर-19 मुकाबले खेले हैं. इस बीच उनके बल्ले से छह पारियों में 229 रन निकले हैं. जहां क्रिकेट प्रेमियों को उनके बल्ले से दो शतक देखने को मिले हैं।

Harvansh Pangalia के पिता चलाते हैं ट्रक

Harvansh Pangalia गुजरात के एक छोटे से शहर गांधीधाम से आते हैं। बचपन से ही उन्होंने अपने पिता दमनदीप सिंह और चाचा कुंवरजीत सिंह को क्रिकेट खेलते हुए पाया। जिसके बाद वह भी इस खेल में रम गए. मौजूदा समय में उनका परिवार कनाडा में बस चुका है. जहां उनके पिता दमनदीप सिंह ब्रैम्पटन में ट्रक ड्राइवर हैं।

भारत की अंडर-19 टीम इस समय इंग्लैंड में है और 27 जून से शुरू होने वाली पांच मैचों की युवा वनडे और दो युवा टेस्ट मैचों की श्रृंखला में अपने अंग्रेजी समकक्षों का सामना करने के लिए तैयार है। मंगलवार को, मेहमान टीम ने लॉफबोरो में 50 ओवर के अभ्यास मैच में आमंत्रण एकादश का सामना किया।

मेजबान टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया। आईपीएल 2025 के स्टार खिलाड़ी आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी ने मेहमान टीम के लिए पारी की शुरुआत की, लेकिन फ्लॉप रहे और दोनों मिलकर सिर्फ़ 18 रन ही बना पाए। म्हात्रे दूसरे ओवर में ही अपना विकेट गंवा बैठे और सूर्यवंशी पाँचवें ओवर में आउट हो गए।

Harvansh Pangalia की धमाकेदार पारी

जल्द ही, 13वें ओवर में मेहमान टीम का स्कोर 91/5 हो गया, जिसके बाद कनिष्क चौहान (79) और राहुल कुमार (73) ने पारी को संभाला और 112 गेंदों में 140 रन जोड़े। 36वें ओवर में जब भारत का स्कोर 251/7 था, तब हरवंश सिंह पंगलिया आरएस अंबरीश के साथ बल्लेबाजी करने आए। दोनों ने 126 रन जोड़े, जिसमें अंबरीश ने कुछ शानदार शॉट दिखाए और 47 गेंदों में 72 रन बनाए।

आउट होने के समय पंगालिया 33 गेंदों पर 47 रन बनाकर खेल रहे थे और अगली ही गेंद पर चौका लगाकर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया।

पारी के अंतिम तीन ओवरों में 18 वर्षीय खिलाड़ी ने इंग्लिश गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं और 48वें ओवर की शुरुआत मैनी लम्सडेन की गेंदों पर लगातार छक्कों के साथ की और फिर गेंदबाज ने लगातार दो नो-बॉल भी दीं।

Harvansh Pangalia ने अगले ओवर में मैथ्यू फ़िरबैंक की गेंद पर भी छक्का जड़ा, और फिर आखिरी ओवर में लम्सडेन की गेंद पर चौका जड़ा और लगातार तीन छक्के जड़कर पारी का अंत किया। आखिरी छक्के में उन्होंने सिर्फ़ 52 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया, और उनका दूसरा अर्धशतक 18 गेंदों पर पूरा हुआ, और भारत का स्कोर भी 442/9 हो गया।

युवा पुछल्ले बल्लेबाज़ ने अपनी आक्रामक पारी में नौ छक्के लगाए, और लेग साइड पर लगाया गया चौका उनका पसंदीदा रहा। वह एक विकेटकीपर-बल्लेबाज़ हैं और घरेलू क्रिकेट में सौराष्ट्र की युवा टीम का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। पिछले अक्टूबर में, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक युवा मैच में सात चौके और छह छक्के लगाकर 117 रन बनाए थे।

यह भी देखें: Raghvi Bist, Biography in Hindi, Domestic Career, WPL, Husband, Net worth, “राघवी बिष्ट: सपनों से सजी 1 क्रिकेटर की उड़ान”

Harvansh Pangalia ने इंग्लैंड से लिया हार का बदला

मौजूदा समय में भारत की दो टीम इंग्लैंड दौरे पर है. देश की मेन पुरुष टीम स्टोक्स एंड कंपनी के साथ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में दो-दो हाथ कर रही है। वहीं अंडर-19 के युवा लड़ाके यंग लायंस इनविटेशनल XI के सामने अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं. यहां गिल एंड कंपनी को अपने पहले मुकाबले में शिकस्त का सामना करना पड़ा है. मगर आयुष म्हात्रे की देखरेख में अंडर-19 के युवा बच्चों ने कमाल कर दिया है।  

टूर्नामेंट का एक मुकाबला बीते मंगलवार (24 जून) को लॉफबरो में खेला गया. जहां भारतीय टीम को 231 रनों के बड़े अंतर से जीत मिली। मैच के हीरो नौवें क्रम के खिलाड़ी Harvansh Pangalia रहे. जिन्होंने अपनी टीम की तरफ से महज 52 गेंदों का सामना किया। इस बीच 198.07 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 103 रन बनाने में कामयाब रहे. इस बीच उनके बल्ले से आठ चौके और नौ बेहतरीन छक्के निकले।

परिणाम ये रहा कि भारतीय टीम लॉफबरो में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 442 रन बनाने में कामयाब रही। हरवंश के अलावा सातवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए कनिष्क चौहान ने 67 गेंद में 79, राहुल कुमार ने छठवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए 60 गेंद में 73 और आरएस अंबरीश ने आठवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंद में 72 रनों का योगदान दिया।

भारत की तरफ से मिले 443 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए यंग लायंस इनविटेशनल XI की पूरी टीम 41.1 ओवरों में 211 रनों पर ही ढेर हो गई। मेजबान टीम की तरफ से पारी का आगाज करते हुए कप्तान विल बेनिसन ने 105 गेंदों में 103 रनों का योगदान दिया। मगर उनकी इस बेहतरीन पारी के बावजूद भी इंग्लिश टीम को जीत नसीब नहीं हुई और उसे 231 रनों से हार का सामना करना पड़ा।

Harvansh Pangalia की टीमें

भारत अंडर-19

सौराष्ट्र अंडर-19

Harvansh Pangalia के हालिया मैच

भारत अंडर-19 बनाम इंग्लैंड अंडर-19 -28 और 29* — 20-जुलाई-2025 चेम्सफोर्ड YTest # 305

भारत अंडर-19 बनाम इंग्लैंड अंडर-19-24 1c/0s 07-जुलाई-2025 वॉर्सेस्टर YODI # 1566

भारत अंडर-19 बनाम इंग्लैंड अंडर-19 -0 — 05-जुलाई-2025 वॉर्सेस्टर YODI # 1565

भारत अंडर-19 बनाम इंग्लैंड अंडर-19-11 — 02-जुलाई-2025 नॉर्थम्प्टन योडी # 1564

भारत अंडर-19 बनाम यंग लायंस 103* — 24-जून-2025 लफ़बोरो अन्यरोड

Harvansh Pangalia के संघर्ष से चमक तक का सफर

हरवंश का ताल्लुक गुजरात के गांधीधाम से है। उनके पिता दमनदीप सिंह और चाचा कुंवरजीत सिंह भी क्रिकेट खेला करते थे, जिनसे प्रेरणा लेकर हरवंश ने भी क्रिकेट का सफर शुरू किया। उनका परिवार कनाडा के ब्रैम्पटन में रहता है, जहां उनके पिता ट्रक ड्राइवर हैं।

हरवंश का यह संघर्ष और मेहनत आज उन्हें देश का उभरता हुआ सितारा बना चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही वह आईपीएल या भारतीय टीम की जर्सी में नजर आएंगे।

Harvansh Pangalia “मेरा भी टाइम आएगा” –

Harvansh Pangalia
Harvansh Pangalia

Harvansh Pangalia आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी की आईपीएल सफलता से प्रेरित हैं 18 वर्षीय इस खिलाड़ी ने अभ्यास मैच में भारत अंडर-19 के लिए नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतक बनाया।

हरवंश पंगलिया सुर्खियों में हैं। इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय अंडर-19 टीम का हिस्सा, यह विकेटकीपर-बल्लेबाज़ आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी की वजह से सुर्खियों में था। लोग या तो भूल गए थे या शायद जानते ही नहीं थे कि सूर्यवंशी की तरह हरवंश ने भी पिछले साल ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के खिलाफ शतक लगाया था।

Harvansh Pangalia की भारत U19 वीरता

भारत अंडर-19 दौरे की शुरुआत से पहले, मेहमान टीम ने यंग लायंस इनविटेशनल इलेवन के खिलाफ 50 ओवर का अभ्यास मैच खेला। जैसा कि अक्सर होता है, लगभग हर भारतीय बल्लेबाज़ को बल्लेबाजी का मौका मिला। हरवंश, जो आमतौर पर सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं, को नौवें नंबर पर उतारा गया।

बल्लेबाजी क्रम में नीचे आने का उन पर कोई असर नहीं पड़ा; दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने भारत अंडर-19 के लिए शीर्ष स्कोरर की भूमिका निभाई। उन्होंने 52 गेंदों में नाबाद 103 रन बनाकर पारी समाप्त की। म्हात्रे और सूर्यवंशी, दोनों ने लॉफबोरो में सलामी बल्लेबाजी की थी, को मात दी।

Harvansh Pangalia अपने रास्ते पर

अपने दोनों साथियों से उम्र में बड़े होने के बावजूद, हरवंश असल में उनसे प्रेरित हैं। साल की शुरुआत में, दोनों ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में डेब्यू किया, जिसने उन्हें स्टारडम की बुलंदियों पर पहुँचा दिया। सूर्यवंशी के मामले में तो यह म्हात्रे से भी ज़्यादा है।

हरवंश ने बताया, “वे मेरे दोस्त हैं; आयुष टीम में मेरा सबसे अच्छा दोस्त है। मैं उनके लिए खुश हूँ। वे हम सभी को प्रेरित करते हैं।”

हालाँकि वह सिर्फ़ 18 साल के हैं, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ हर किसी की ज़िंदगी की राह अलग-अलग समझते हैं। एक ही उम्र के होने के बावजूद, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने 7 साल के अंतर से अपने करियर की शुरुआत की थी। और दोनों ने लंबा और सफल करियर जिया। हरवंश इस बात से अच्छी तरह वाकिफ़ हैं। और उन्हें यकीन है कि उनका समय जल्द ही आएगा।

उन्होंने कहा, “लेकिन हर किसी का रास्ता अलग होता है। मेरा भी समय आएगा।”

Harvansh Pangalia की कहानी मैदान के बाहर भी है प्रेरणादायक

18 वर्षीय हरवंश की क्रिकेट की कहानी सिर्फ मैदान पर ही नहीं, मैदान के बाहर भी उतनी ही प्रेरणादायक है।  नीलकंठ क्रिकेट अकादमी में कोच नकुल अयाची के मार्गदर्शन में तैयार हुए हरवंश का परिवार अब कनाडा के ब्रैम्पटन में रहता है, जहां उनके पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं। उनके बेटे हरवंश का सपना है कि वो भारत की नीली जर्सी पहनकर टीम के लिए खेल सके और वो अब हरवंश अपने सपने को सच करने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Harvansh Pangalia का प्रारंभिक जीवन

Harvansh Pangalia का जन्म 3 नवंबर 2006 को भारत के दिल्ली शहर में हुआ था। क्रिकेट के प्रति गहरी रुचि रखने वाले परिवार में पले-बढ़े हरवंश का परिचय बहुत कम उम्र में ही इस खेल से हो गया था। उनके पिता, जो क्रिकेट के शौकीन थे, अक्सर उन्हें स्थानीय मैचों में ले जाते थे और नियमित अभ्यास के लिए प्रोत्साहित करते थे।

इस अनुभव ने खेल के प्रति उनके जुनून को और बढ़ा दिया और हरवंश जल्द ही बल्लेबाजी के प्रति आकर्षित हो गए। उन्होंने स्थानीय मैदानों पर अपने कौशल को निखारा, जहाँ उन्होंने दोस्तों और उभरते क्रिकेटरों के साथ खेलने में अनगिनत घंटे बिताए।

उनकी क्षमता को पहचानते हुए, उनके माता-पिता ने उन्हें एक क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलाया, जहाँ उन्हें पेशेवर कोचिंग मिली। खेल के प्रति हरवंश का समर्पण और उनकी स्वाभाविक प्रतिभा ने उन्हें अपने साथियों से अलग कर दिया। किशोरावस्था तक, वह स्कूल स्तर के क्रिकेट में धूम मचा रहे थे और अपने क्षेत्र के सबसे होनहार युवा बल्लेबाजों में से एक माने जाते थे।

Harvansh Pangalia का क्रिकेट में पदार्पण

हरवंश ने कम उम्र में ही जूनियर क्रिकेट में पदार्पण किया और उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान तुरंत अपनी ओर आकर्षित कर लिया। उन्हें अंडर-16 वर्ग में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया, जहाँ उन्होंने देश के सर्वश्रेष्ठ युवा प्रतिभाओं के खिलाफ अपने कौशल का प्रदर्शन किया।

उनकी असाधारण बल्लेबाजी क्षमता और क्रीज पर संयम ने उन्हें एक असाधारण खिलाड़ी बना दिया, और जल्द ही वे अंडर-19 टीम में पहुँच गए, जिससे भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सितारे के रूप में उनकी प्रतिष्ठा और मजबूत हुई।

उनकी पहली बड़ी सफलता 2021 में मिली जब उन्हें भारत की अंडर-19 टीम के लिए चुना गया, जहाँ उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का दुर्लभ अवसर मिला। हरवंश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक श्रृंखला के दौरान अंडर-19 टीम में पदार्पण किया, जहाँ उन्होंने अपनी तकनीक और स्वभाव से सभी को प्रभावित किया।

यह भी पढ़ें: क्रिकेट के साथ-साथ कुकिंग के शौकीन लोग कुकिंग की नई-नई रेसिपी की विधि के लिए यहाँ पर क्लिक करे।

Harvansh Pangalia की प्रमुख उपलब्धियाँ

हरवंश का करियर तेज़ी से आगे बढ़ा और उन्होंने प्रभावशाली आँकड़े जमा किए, जिससे उनका निरंतर प्रदर्शन दिखा। अंडर-19 टीम में उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ रहीं, जिनमें उल्लेखनीय अर्धशतक और शतक शामिल हैं, जिन्होंने दबाव में पारी संवारने की उनकी क्षमता को दर्शाया। अपने अंडर-19 कार्यकाल के अंत तक, उन्होंने खुद को देश के शीर्ष युवा बल्लेबाजों में से एक के रूप में स्थापित कर लिया था।

घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद, 2023 में हरवंश को पहली बार सीनियर भारतीय टीम में शामिल किया गया, जिससे क्रिकेट प्रेमियों में हलचल मच गई। इस चयन ने उनके उभरते करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने उच्चतम स्तर पर योगदान देने की उनकी क्षमता को उजागर किया।

Harvansh Pangalia के रिकॉर्ड और खेल पर प्रभाव

एक युवा क्रिकेटर के रूप में, Harvansh Pangalia ने अपने संक्षिप्त करियर में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। खेल के विभिन्न प्रारूपों के साथ तालमेल बिठाने की उनकी क्षमता उनकी सबसे बड़ी खूबियों में से एक साबित हुई है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मैचों में भी योगदान दिया है और अपनी टीमों को बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शन से जीत दिलाई है। उनकी स्टाइलिश दाएँ हाथ की बल्लेबाजी और बेहतरीन फुटवर्क की तुलना खेल के कुछ महान खिलाड़ियों से की जाती है।

क्रिकेट जगत पर हरवंश का प्रभाव उनकी व्यक्तिगत सफलता से कहीं आगे तक फैला है। वे भारत के युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं, यह दर्शाते हुए कि समर्पण और कड़ी मेहनत सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। उनकी खेल भावना और विनम्र व्यवहार ने उन्हें अपने साथियों और कोचों का भी सम्मान दिलाया है।

Harvansh Pangalia कौन हैं

Harvansh Pangalia भारत के एक पेशेवर विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जिन्होंने हाल ही में अंडर-19 वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करना शुरू किया है। उन्होंने सिर्फ़ 52 गेंदों पर 8 चौकों और 9 छक्कों की मदद से 103 रनों की तूफानी पारी खेलकर क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है, वो भी 9वें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने के बाद। यह वाकई कमाल की बात है!

और यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा कुछ किया हो। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 टेस्ट मैच में 143 गेंदों पर 7 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 117 रनों की तूफानी पारी खेली थी। उनकी बल्लेबाज़ी काबिले तारीफ़ है, और उनकी पावर-हिटिंग, खासकर विरोधी टीमों के लिए, खौफ़नाक है।

इन सबके अलावा, हरवंश पंगलिया में सहज विकेटकीपिंग क्षमता है और पिछले साल यूएई के खिलाफ अंडर-19 एशिया कप मैच में एमएस धोनी से प्रेरित नो-लुक थ्रो करने के प्रयास के लिए भी वह सुर्खियों में रहे थे।

उन्होंने स्टंप्स की तरफ पीठ करके गेंद स्टंप्स पर मारी, लेकिन बल्लेबाज़ सुरक्षित रूप से क्रीज़ पार कर चुका था, इसलिए उन्हें विकेट नहीं मिला। लेकिन कुल मिलाकर, यह एक शानदार प्रयास था और इसके लिए उनकी खुलकर प्रशंसा की गई।

Harvansh Pangalia की जीवनी

Harvansh Pangalia का जन्म 3 नवंबर 2006 को गुजरात के कच्छ के रण स्थित एक छोटे से कस्बे गांधीधाम में हुआ था। क्रिकेट के प्रति उनका प्रेम बचपन से ही पनप गया था जब वे अपने पिता और चाचा को क्रिकेट खेलते देखते थे। खास बात यह है कि वे दोनों ही विकेटकीपर थे, जो उनके विकेटकीपिंग कौशल को दर्शाता है।

खैर, हरवंश पंगलिया की शिक्षा गांधीधाम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में हुई, जिसका पता हमें स्कूल के आधिकारिक अकाउंट पर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई एक पोस्ट से चलता है, जिसमें उन्हें अंडर-19 (भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया) दूसरे यूथ टेस्ट मैच में शतक लगाने के लिए बधाई दी गई थी। उनके पोस्ट से यह स्पष्ट होता है कि इस युवा प्रतिभा को निखारने में स्कूल की भी अहम भूमिका रही है।

Harvansh Pangalia की धर्म एवं जाति

हरवंश पंगलिया ने किसी भी आधिकारिक मंच या सत्यापित स्रोत पर अपने धर्म और जाति के बारे में कुछ भी नहीं बताया है। हालाँकि, उनके रूप और नाम से हम अनुमान लगा सकते हैं कि वे सिख समुदाय से हैं; हालाँकि, यह निश्चित नहीं है, और हम किसी के धर्म और जाति के बारे में यूँ ही दावा नहीं कर सकते।

Harvansh Pangalia का परिवार

हरवंश पंगलिया का पारिवारिक जीवन बहुत विविधतापूर्ण है। वह अपनी माँ के साथ गुजरात के गांधीधाम में रहते हैं, और उनका बाकी परिवार उनके पिता के साथ कनाडा में रहता है। उनके पिता ने बेहतर रोज़गार के अवसरों की तलाश में 2017 में कनाडा जाने का फैसला किया, और उन्होंने हरवंश को भी अपने साथ कनाडा जाने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वह भारत के लिए क्रिकेट खेलने पर अड़े रहे। इसलिए, वह अपनी माँ के साथ वहीं रुक गए, और उनका बाकी परिवार कनाडा चला गया।

Harvansh Pangalia के Father

Harvansh Pangalia के पिता, दमनदीप सिंह, कनाडा के ब्रैम्पटन में ट्रक ड्राइवर हैं। वह अपने भाई कुंवरजीत सिंह के साथ क्रिकेट खेलते थे और दोनों ही क्रिकेट के दीवाने थे। हरवंश के क्रिकेट खेलने के पीछे यही दोनों प्रेरणा थे और उनके पिता हमेशा उनके क्रिकेट के प्रति जुनून को प्रोत्साहित करते थे। उनके कस्बे में कोई क्रिकेट अकादमी नहीं थी, लेकिन जब सौराष्ट्र क्रिकेट संघ (एससीए) ने एक अकादमी खोली, तो उन्होंने तुरंत अपने बेटे का दाखिला वहाँ करवा दिया।

Harvansh Pangalia की माता

हरवंश पंगलिया की माँ, जसप्रीत कौर, एक गृहिणी हैं और उनके क्रिकेट करियर के पीछे सबसे बड़ी सहयोगी रही हैं। जब उनके परिवार के सभी सदस्यों ने कनाडा जाने का फैसला किया, तो वह अपने बेटे के साथ वहीं रुक गईं, ताकि भारत के लिए खेलने का उनका सपना पूरा हो सके।

Harvansh Pangalia की प्रोफ़ाइल

कनाडा में सुबह के 3 बजे थे जब दमनदीप सिंह का मोबाइल बजने लगा। जब वे उठे, तो उनके बेटे, हरवंश सिंह पंगालिया, के इंग्लैंड के आगामी दौरे के लिए भारत की U-19 टीम में चुने जाने पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई थी। दमनदीप, जो अब कनाडा के ब्राम्पटन में ट्रक चलाते हैं। उन्होंने बताया कि 15-16 घंटे ट्रक चलाने के बाद मोबाइल की वाइब्रेशन से नींद नहीं खुलती।

Harvansh Pangalia जो गुजरात के कच्छ जिले के एक छोटे से शहर गांधीधाम के रहने वाले हैं, एक विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपने पिता और चाचा को क्रिकेट खेलते हुए देखा और अब अपने बेटे को देश के लिए खेलते देखने का उनका सपना सच हो रहा है, भले ही इसके लिए उन्हें अपने परिवार से दूर रहना पड़े और कनाडा में कठिन जीवन जीना पड़े। हरवंश ने अपने पिता के कनाडा में बसने के फैसले का विरोध किया था क्योंकि वह भारत के लिए क्रिकेट खेलना चाहते थे।

दमनदीप सिंह ने फोन पर बताया कि उन्हें बहुत सारे बधाई संदेश मिल रहे हैं। उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। उन्हें वह समय याद आ रहा है जब हरवंश ने कनाडा जाने से मना कर दिया था। वह अपनी बात पर अड़ा रहा और अब वह अपना सपना जी रहा है। हरवंश सिंह का परिवार अब कनाडा में बस गए हैं। दमनदीप ने बताया कि वे और उनके बड़े भाई क्रिकेट के दीवाने थे। वे सिर्फ शौक के लिए क्रिकेट खेलते थे। राजकोट भी उनके शहर से 200 किलोमीटर दूर है।

2012 में पहली बार सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (SCA) ने उनके शहर में एक अकादमी खोली। उन्होंने हरवंश को 6 साल की उम्र में उसमें दाखिला दिलाया।Harvansh Pangalia ने उनसे ही विकेटकीपिंग सीखी। लेकिन वह युवराज सिंह के कारण बाएं हाथ का बल्लेबाज बन गया। वह युवराज का बहुत बड़ा प्रशंसक है। उसने युवराज को खेलते हुए नहीं देखा है, लेकिन वह स्टुअर्ट ब्रॉड के खिलाफ छह छक्के मारने वाले वीडियो से बहुत प्रभावित था।

Harvansh Pangalia को युवराज के 6 छक्के ने बनाया दीवाना

दमनदीप ने कभी नहीं सोचा था कि युवराज सिंह के छह छक्कों का वीडियो उनके बेटे को इतना दीवाना बना देगा कि वह अपने देश का प्रतिनिधित्व करने की कसम खा लेगा। 2017 में, दमनदीप ने अपने बड़े भाई और बहन के पास कनाडा जाने का फैसला किया, लेकिन उनके बेटे हरवंश ने जाने से इनकार कर दिया। वह क्रिकेट खेलना चाहता था और खेल में अपना नाम बनाना चाहता था।

Conclusion

Harvansh Pangalia का क्रिकेट सफ़र अभी भी जारी है, और अपनी असाधारण प्रतिभा और प्रतिबद्धता के साथ, उनमें भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सुपरस्टार बनने के सभी गुण मौजूद हैं। उनकी शुरुआती उपलब्धियाँ उनकी कड़ी मेहनत का प्रमाण हैं, और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी खेल में उनके भविष्य के योगदान का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। हर मैच के साथ, वह क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने के और करीब पहुँच रहे हैं।

Leave a Comment